औरंगाबादबिहार

औरंगाबाद में नौकरी का झांसा देकर पैसे भी ठगे और मारपीट कर बंधुआ मजदूर बना करा रहा था काम, लेकिन हो गया भंडाफोड़

एसपी ने दिया प्राथमिकी का आदेश, दरभंगा के दो लड़कों से जुड़ा हुआ है मामला

औरंगाबाद। देश में बंधुआ मजदूरी की प्रथा 1976 में ही समाप्त कर दी गई थी। लेकिन उसके बाद भी सामंती प्रवृत्ति के लोगों के द्वारा ऐसी मजदूरी कराने के मामले सामने आते रहे। परंतु जानकारी मिलते ही उस पर कार्यवाही भी हुई।

 

इधर लगभग 4 दशक से ऐसे किसी भी प्रकार के मामले शायद सामने नहीं आए हैं। परंतु औरंगाबाद शहर के ही कथरुआ गांव में नौकरी का झांसा देकर 2 लड़कों से पैसे ऐंठने और घर में बंद कर बंधुआ मजदूरों की तरह यातना देकर कार्य कराए जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।

 

इस बात का खुलासा तब हुआ जब शुक्रवार को उक्त व्यक्ति के चंगुल से भाग कर दोनो लड़के अपनी जान माल की रक्षा की गुहार लगाने एसपी से मिलने समाहरणालय पहुंचे। दोनों लड़कों में एक नाबालिग भी है और उनके शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान देखने को मिले। बंधुआ मजदूर बनकर कार्य करने वाले दोनों लड़कों की पहचान दरभंगा जिले के नगर थाना क्षेत्र के कबीरचक मोहल्ला निवासी मनीष कुमार और शिव कुमार के रूप में की गई है और वे दोनों आपस मे सहोदर भाई भी हैं।

दोनों भाईयों ने बताया कि उनके गांव के बगल के गांव मिल्की निवासी आदित्य कुमार यादव द्वारा औरंगाबाद में सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर झांसा देकर उनसे 10-10 हजार रुपये ठग लिए गए और यहां कथरुआ गांव लाकर एक कमरे में बंद कर दिया गया और बंधक बनाकर भय तथा दबाव देकर पिछले कई महीनों से बंधुआ मजदूरी करवाया जाने लगा।

 

दोनों ने बताया मारपीट कर जबरन बंधक बनाकर कार्य कराने वाले आदित्य द्वारा अपने गांव के किसी भी परिवार के सदस्य से बातचीत नहीं करने दी जाती थी और जमकर मारपीट की जाती थी। किसी तरह दोनों भागकर समाहरणालय पहुंचे और एसपी कांतेश से मुलाकात कर अपनी आप बीती सुनाई।

इधर इस मामले में एसपी ने बताया कि दोनों लड़कों के साथ मारपीट की घटना कारित की गई है और इनके द्वारा बताए गए व्यक्ति के खिलाफ नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

इसे भी पढ़ें

Back to top button

You cannot copy content of this page