औरंगाबादबिहार

संविधान निर्माण के साथ साथ शोषितों के आवाज बने बाबा साहब-शैलेन्द्र जरूहार

बाबा साहब का जीवन है एक दर्शन,जरूरत है उसे अपने जीवन मे उतारने की

औरंगाबाद। राजकीय कन्या मध्य विद्यालय रफीगंज में गुरुवार को बाबा साहब डॉ भीम राव अम्बेडकर की जयंती समारोह आयोजित की गई। इस अवसर पर डाक्टर भीमराव अम्बेडकर के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि प्रधानाध्यापक शैलेन्द्र किशोर जारूहार एवं अन्य सभी शिक्षक शिक्षिकाओं, कर्मियों एवं उपस्थित छात्राओं द्वारा किया गया। तत्पश्चात अम्बेडकर साहब के जीवन चरित्र, उनके संघर्षों, एवं उनके द्वारा किए गए विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों को विद्यालय के सभी शिक्षकों ने बहुत ही विस्तार एवं सरुचीपूर्ण ढंग से बच्चों के बीच बताया गया।

विद्यालय की शिक्षिका रंजना, रेशम,सबा आम्बरी, कुमारी सुनीता,नेहा रानी,शिक्षक सुनील राय एवं विवेक अमीन ने अपने विचारों से छात्राओं के मानस पटल पर भीमराव अम्बेडकर के विचारों की अमिट छाप छोड़ दी।पूरे वातावरण में उल्लास एवं कुछ करने का जज्बा, उत्साह की झलक साफ साफ दिखाई देने लगी।

 

प्रधानाध्यापक शैलेन्द्र जारूहार ने सरकार के जयंती समारोह विद्यालय में आयोजित किए जाने की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए बतलाया कि इस दिन छुट्टी के बदले जयंती का आयोजन बहुत ही प्रेरणादायक एवं प्रासंगिक रहता है । बच्चों को महापुरुषों के जीवन चरित्र के साथ साथ उनके जीवन के बहुआयामी व्यक्तित्व एवं विकास से रूबरू होने का मौका मिलता है।वे उनके आदर्शो से प्रेरित होकर अपने जीवन एवं विचारों में उत्कृष्टता ला सकते हैं।


विद्यालय की छात्रा मुस्कान कुमारी ने डॉ भीमराव अम्बेडकर के तैल चित्र को जो उसने इस शुभ अवसर पर अपने हाथों से बनाया था उसे विद्यालय के प्रधानाध्यापक को सौंपा जिसे माल्यार्पण हेतु रखा गया। सभी ने बच्ची की भूरी भूरी प्रशंसा की। साथ ही साथ ही तैल चित्र बनाने वाली मुस्कान कुमारी एवं तीन सर्वश्रेष्ठ लेख लिखने वाली छात्राओं को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई।

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