औरंगाबादबिहार

आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री ने योजना भवन में की योजनाओं के प्रगति की समीक्षा

शिक्षा,स्वास्थ्य,कृषि,पशुपालन एवं आधारभूत संरचना की हुई विस्तृत समीक्षा

औरंगाबाद। भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा आकांक्षी जिला कार्यक्रम योजना अंतर्गत जिले में चल रही केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा के तहत केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री रेणुका सिंह सोमवार को औरंगाबाद पहुंची जहां उन्होंने समस्त विभागों के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की।

 

बैठक में मंत्री ने सर्वप्रथम स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ किशोर प्रसाद द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिले की उपलब्धियों को बताया। उन्होंने जानकारी दी कि औरंगाबाद सदर अस्पताल में जीविका के माध्यम से ‘दीदी की रसोई’ का भी संचालन किया जा रहा है। कोविड के संदर्भ में बताया गया कि औरंगाबाद जिले में आरटीपीसीआर एवं रैपिड एंटीजन कीट के माध्यम से कोविड की जांच की सुविधा उपलब्ध है। आरटीपीसीआर के मध्यम से अब तक लगभग 2.23 लाख लोगों की जांच की जा चुकी है। जिले में अब तक कुल 17.45 लाख लोगों को कोविड का फर्स्ट डोज लगाया जा चुका है। एवं 13 लाख से ज्यादा लोगों को सेकंड डोज दिया जा चुका है। जिले में 03 पीएसए प्लांट की स्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त कुल 213 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं।

 

समीक्षा के क्रम में पाया गया कि शिक्षा के क्षेत्र में सूचकांक संख्या 5(विद्यालयों में पेयजल की उपलब्धता), सूचकांक संख्या 6 (स्कूलों में विद्युत की उपलब्धता) एवं सूचकांक संख्या 02(विद्यालयों में महिला शौचालय की व्यवस्था) में औरंगाबाद जिला का लक्ष्य प्राप्त हो चुका है। जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह द्वारा बताया गया कि जिले के कुल 175 विद्यालयों को डेमो स्कूल के रूप में चयनित किया गया है जिसमें 35 मास्टर प्रशिक्षकों की मदद से करिकुलम को विकसित किया जा रहा है। इन विद्यालयों में बाल पंजी, चेतना सत्र, बाल संसद इत्यादि का गठन कराया जा रहा है। जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित वार्षिक माध्यमिक परीक्षा के परिणाम में बिहार के टॉप टेन में औरंगाबाद जिले के 4 छात्र/छात्रा शामिल हैं।

 

कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन कवरेज में औरंगाबाद द्वारा निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किया जा चुका है। जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत लगभग 1.90 लाख किसानों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। जिले में 100 एकड़ से ज्यादा के क्षेत्र में स्ट्रौबरी की खेती कराई जा रही है जिससे किसानों की आमदनी भी बढ़ी है। इसके अतिरिक्त सिंचाई को विकसित करने के लिए माइक्रो इरिगेशन के क्षेत्र में जिला कृषि कार्यालय द्वारा कार्य कराया जा रहा है।

 

बताया गया कि आधारभूत संरचना प्रक्षेत्र में सूचकांक संख्या 02 (ग्राम पंचायत में इंटरनेट कनेक्शन की व्यवस्था) एवं सूचकांक संख्या 06 (ग्राम पंचायत में सीएससी की सुविधा) में निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किया जा चुका है। आधारभूत संरचना क्षेत्र के शेष सूचकांकों में लगभग 90% से अधिक लक्ष्य की प्राप्ति की जा चुकी है। शेष प्रक्षेत्रों के सूचकांकों में निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विशेष कार्य योजना बनाकर शीघ्र लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।

 

डीपीएम जीविका पवन कुमार द्वारा बताया गया कि जिले में कुल 23000 से ज्यादा जीविका समूह है एवं 2.77 लाख जीविका दीदियां कार्यरत हैं। जीविका का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उनका क्षमता वर्धन करना है। वर्ष 2011 में नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन की शुरुआत की गई। इसके अतिरिक्त समेकित मुर्गी पालन विकास योजना, भेड़ बकरी विकास योजना एवं 2018 में शुरू की गई सतत जीविकोपार्जन योजना इत्यादि के माध्यम से जीविका दीदियों का विकास किया जा रहा है। सदर अस्पताल में दीदी की रसोई की शुरुआत की गई है एवं शीघ्र ही अनुमंडल अस्पताल में भी इसकी शुरुआत की जाएगी।

 

बताया गया कि औरंगाबाद जिले को नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा विभिन्न वर्षो में नीति आयोग द्वारा जारी डेल्टा रैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन स्वरूप प्राप्त राशि से नीति आयोग के एंपावर्ड कमेटी द्वारा अनुमोदित योजनाएं यथा 13 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का जीर्णोद्धार एवं 7 विद्यालयों को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित किया जाना तथा 140 आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में परिवर्तित करना एवं शिक्षा से संबंधित सूचकांक में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का अधिष्ठापन किया जाना आदि कार्य शामिल है। माननीय मंत्री महोदया द्वारा उक्त योजनाओं को शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।

 

इस बैठक में माननीय सदस्य बिहार विधान परिषद दिलीप कुमार सिंह, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी गोविंद चौधरी, दाउद नगर डीसीएलआर संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी विजयंत, वरीय उप समाहर्ता फतेह फैयाज, डीसीएलआर अविनाश कुमार सिंह, एसडीपीओ गौतम शरण ओमी, वरीय उप समाहर्ता कृष्णा कुमार, जिला योजना पदाधिकारी राजीव रंजन, आईटी मैनेजर प्रदीप कुमार एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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