औरंगाबाद

आर्मी जवान के पुत्र के इलाज में चिकित्सको द्वारा बरती गई लापरवाही के खिलाफ बमेंद्र ने डीएम को आवेदन दे की कारवाई की मांग

औरंगाबाद। रक्तदान क्षेत्र में सेवा दे रहे औरंगाबाद के समाजसेवी बमेंद्र कुमार सिंह ने भारतीय आर्मी में तैनात अपने साढू रणधीर कुमार सिंह के बारह वर्षीय बेटा उत्कर्ष के इलाज में चिकित्सकों द्वारा बरती गई लापरवाही के प्रति जिलाधिकारी एवम सिविल सर्जन को आवेदन देकर करवाई की मांग की है।

बमेंद्र ने आवेदन में लिखा है उत्कर्ष को 29 अगस्त की रात पेट में दर्द हुआ था तो दर्द का दवा दिया गया और 30 अगस्त को सुबह सदर अस्पताल के शिशु चिकित्सक से इलाज कराया गया जिससे तत्काल राहत मिली।चिकित्सक द्वारा कुछ ब्लड टेस्ट एवम अल्ट्रासाउंड कराने को कहा गया।

 

सदर अस्पताल में ही ब्लड टेस्ट एवम डा.राजेश कुमार सिंह के पास अल्ट्रासाउंड कराया गया। 31 अगस्त को अल्ट्रासाउंड का रिपोर्ट मिला जिसमे स्पष्ट एक्यूट अपेंडिसाइटिस लिखा हुआ था।उत्कर्ष की मां कंचन सिंह जब जांच रिपोर्ट लेकर सदर अस्पताल के शिशु विभाग में गई तो शिशु चिकित्सक ने कहा कि जो डॉक्टर इलाज किए हैं वही रिपोर्ट देखेंगे,कल उनकी ड्यूटी है।

 

उत्कर्ष के पेट दर्द में राहत न मिलने के कारण उसे 31 अगस्त को ही नारायण चाइल्ड हॉस्पिटल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. बी.किशोर से दिखाया गया,साथ ही अल्ट्रासाउंड एवम ब्लड टेस्ट का रिपोर्ट भी दिखाया गया।चिकित्सक द्वारा दर्द का कारण गैस इत्यादि बताकर गैस एवम दर्द का दवा लिखकर यह कहकर भेज दिया गया की जब दर्द तेज होगा तो ले कर आईएगा।जब दर्द से राहत नहीं मिला तो मैने 01 सितंबर को उत्कर्ष को लेकर सर्जन डा.मनीष कुमार सिंह से संपर्क किया तो चिकित्सक ने अपेंडिक्स की बात कही और तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी।

 

मैंने तुरंत रिस्क बांड भरकर उत्कर्ष को भर्ती कराया और शाम में ही ऑपरेशन हुआ और ऑपरेशन के पहले ही अपेंडिक्स फट चुका था लेकिन जहर शरीर में नहीं फैला था।चिकित्सक ने बताया कि यदि ऑपरेशन में दो -चार घंटा भी विलंब होता तो उत्कर्ष को बचाना मुश्किल था।ऐसे में सदर अस्पताल के शिशु चिकित्सक का रिपोर्ट न देखना और डा.बी.किशोर द्वारा अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट का रिपोर्ट देखकर भी गैस बताना गैरजिम्मेदारी और लापरवाही दर्शाती है।

 

इस संबंध जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम कुमार मनोज से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी तक इससे संबंधित कोई पत्र मुझे प्राप्त नहीं हुए है।लेकिन यदि पत्र प्राप्त होते है तो सदर अस्पताल में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सक पर विधि संवत कारवाई की जाएगी। साथ ही साथ निजी चिकित्सक डॉ बी किशोर से भी स्पष्टीकरण ली जाएगी।डीपीएम ने बताया कि किसी भी चिकित्सक द्वारा की गई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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