औरंगाबाद

औरंगाबाद के एक निजी विद्यालय के बच्चो के द्वारा छुट्टी के बाद जमकर लगाए गए सिगरेट के कश,उड़ाए धुएं

औरंगाबाद। विद्यालय को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है।जहां बच्चो को सही गलत में फर्क करना एवं आचरण व्यवहार को शुद्ध, पवित्र एवं शालीन रखने का पाठ पढ़ाया जाता है।खासकर निजी विद्यालयों में तो नैतिक शिक्षा की पुस्तक ही होती है और उसके लिए विधिवत अलग से शिक्षक होते हैं जिनके द्वारा बच्चों को नैतिक शिक्षा के ज्ञान भी दिए जाते हैं।लेकिन इतने प्रयास के बावजूद भी जब बच्चो में नैतिक ज्ञान का विकास नहीं हो और वे गलत कार्यों में लग जाएं तो सही मायने में उन्हे शिक्षित करने का प्रयास बेमानी ही माना जाएगा।

 

 

शहर के एक प्रतिष्ठित निजी विद्यालय के छात्रों की एक करतूत कैमरे में कैद हो गई और चर्चा का विषय बन गई।बच्चों के यूनिफॉर्म से समझा जा सकता है कि वे किस विद्यालय के छात्र है और उनकी हरकतें यह साबित करने के लिए काफी हैं कि बच्चो की सोच इन गलत कार्यों की तरफ कितनी तेजी से बढ़ रही हैं।

 

देव प्रखंड के कुंडा गांव निवासी युवा समाजसेवी अमरेश राणा ने एक निजी स्कूल के बच्चो की एक वीडियो भेजी है।जिसमे बच्चें स्कूल कैंपस के बाहर जमकर सिगरेट के धुएं उड़ा रहे हैं और दिल में जरा भी संकोच नहीं है कि आने जाने वाले उनके इस हरकत के प्रति क्या सोच रखते होंगे।निश्चित तौर पर इन बच्चों के संगत में रहने वाले अन्य छात्र भी इनके दबाव में आकर सिगरेट पीना शुरू कर देंगे।

 

श्री राणा ने बताया कि बच्चो की हिमाकत देखकर विद्यालय पहुंचे अभिभावकों को भी काफी आश्चर्य हुआ कि आखिर विद्यालय के द्वारा दी जा रही संस्कार की शिक्षा हवा हवाई कैसे साबित हो रही है।श्री राणा ने बताया कि उन्होंने फिर उन सभी बच्चों का वीडियो बनाया और उसे विद्यालय प्रबंधन को उपलब्ध कराया। जिससे विद्यालय प्रबंधन और बच्चो के अभिभावक इस पर ध्यान दें और प्रेम से उन्हें सुधार सके। ताकि आगे उनकी संलिप्ता किसी अन्य गतिविधियों में न हो सके और उनका जीवन बर्बाद होने से बच जाए।

नोट -emaatimes अपने सभी पाठकों से अनुरोध करता है कि यदि उनके बच्चे किसी भी विद्यालय में पढ़ रहे हैं तो कृपया उन पर विशेष नजर रखें। क्योंकि बच्चे काफी चंचल स्वभाव के होते हैं और वे किसी भी प्रकार के गलत गतिविधि में आसानी से संलिप्त हो जाते हैं। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

इसे भी पढ़ें

Back to top button

You cannot copy content of this page