औरंगाबाद

सच्चिदानंद सिंहा कॉलेज में छात्रों की पुलिस ने की पिटाई, धरने पर बैठे कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की हो रही है कार्रवाई

औरंगाबाद का प्रतिष्ठित महाविद्यालय सिन्हा कॉलेज की गरिमा शनिवार की दोपहर उस वक्त तार-तार हो गई जब कॉलेज कैंपस से यहां की पदस्थापित प्राचार्य को अपनी जान बचाने के लिए भागकर पुलिस स्टेशन शरण लेना पड़ा। प्राचार्या द्वारा बुलाए जाने पर पहुंची पुलिस की छात्रों के साथ झड़प हुई और पुलिस  भी बल प्रयोग करने को मजबूर हो गए और छात्रों की पिटाई कर दी गई। इस दौरान काफी देर तक सिन्हा कॉलेज का परिसर अफरातफरी के माहौल में तब्दील रहा।

इस संबंध में सिन्हा कॉलेज की प्राचार्य डॉ रेखा कुमारी ने बताया कि आज उनके द्वारा बी फार्मा के छात्रों को रिजल्ट देने के लिए बुलाया गया था लेकिन एक प्रायोजित साजिश के तहत सिन्हा कॉलेज में धरने पर बैठे कर्मियों के द्वारा छात्र छात्राओं को उकसाया गया और उनके द्वारा हमला बोल दिया गया। जिसके कारण उन्हें भागना पड़ा और पुलिस बल को बुलाना पड़ा प्राचार्य ने बताया कि धरने पर बैठे कर्मियों की अनैतिक मांगे कभी भी पूरी नहीं की जाएगी और उनके द्वारा हमेशा महाविद्यालय के कार्य में बाधा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

 

इधर कॉलेज परिसर में हुए हंगामे के बाद प्राचार्य के द्वारा नगर थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है।जिसमें धरने पर बैठे शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों तथा कुछ छात्रों को नामजद अभियुक्त बनाया जा रहा है। कॉलेज के अन्य कर्मियों ने भी प्राचार्य की बातों का समर्थन कर कहा कि यदि जिला प्रशासन धरने पर बैठकर राजनीति करने और छात्रों को भड़काने का काम करने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं करती तब तक महाविद्यालय का कार्य उनके द्वारा बाधित किया जाता रहेगा।

महाविद्यालय में धरने पर बैठे शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों तथा छात्र छात्राओं के द्वारा किए गए हंगामे के बाद छात्र राजद ने इसे आड़े हाथों लेते हुए प्राचार्य के समर्थन में कूद पड़े हैं।छात्र नेताओं का कहना है कि महाविद्यालय में अन्य संगठन के छात्रों एवं धरने पर बैठे कर्मियों के द्वारा सिर्फ और सिर्फ राजनीति की जा रही है।छात्र नेताओं ने कहा कि अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से रखने का अधिकार भारत के हर नागरिक को है परंतु अनैतिक तरह की मांगों को रखते हुए शैक्षणिक कार्य को प्रभावित करना किसी भी कीमत पर छात्र राजद बर्दाश्त नहीं करेगा और उसका खुलकर जवाब देगा।

 

पिछले 9 दिनों से अपनी सेवा एवं विभिन्न मांगो को लेकर धरने पर बैठे शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने प्राचार्य के द्वारा लगाए गए आरोप पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धरना प्रदर्शन पिछले 9 दिनों से चला आ रहा है। यदि हंगामा करने की मंशा रहती तो आज प्राचार्य धरना स्थल से जाकर कार्यालय में बैठकर 2 घंटे काम नहीं कर पाती और उनके कार्य को बाधित कर दिया जाता।

 

हम लोगों की मंशा साफ है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखना लेकिन प्राचार्य राजनीति कर उनके धरने को विफल करने की कोशिश में लगी हुई है। उनका मंसूबा कभी भी सफल नहीं होगा। छात्रों के द्वारा प्राचार्य पर किए गए हमले को लेकर अध्यक्ष ने कहा कि प्राचार्य के द्वारा आज खुद नोटिस निकाल कर बच्चों को बुलाया गया था और अलग बैठा कर उनसे बातें की जा रही थी। इसी क्रम में बच्चे कैसे भड़क गए यह प्राचार्या ही बता सकती हैं। उनके द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह बिल्कुल ही बेबुनियाद और गलत है। अध्यक्ष ने सीसीटीवी कैमरे से पूरे मामले की जांच कराने का आग्रह जिला प्रशासन से किया है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

इसे भी पढ़ें

Back to top button

You cannot copy content of this page