औरंगाबाद

सवालों के घेरे में है सदर अस्पताल के नवजात शिशु केयर यूनिट के बेड नंबर आठ पर भर्ती हुई नवजात बच्ची की मौत का मामला

औरंगाबाद। सदर अस्पताल स्थित विशेष नवजात केयर यूनिट के बेड नंबर आठ पर रविवार की शाम भर्ती हुई नवजात बच्ची की मौत के मामले ने कई सवाल खड़ा कर दिया है और उसका स्पष्ट जवाब किसी के पास नही है। क्योंकि बच्ची की मौत से संबंधित घटनाक्रम मौत के कारणों को स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार हरिहरगंज के तुरी गांव निवासी चंदू भुइयां की पत्नी बेबी देवी ने रविवार को हरिहरगंज के एक निजी अस्पताल में एक बच्ची का जन्म दिया। लेकिन जन्म के बाद बच्ची की स्थिति को गंभीर देखते हुए उसे सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।

 

बच्ची रविवार की शाम विशेष नवजात केयर यूनिट के बेड नंबर आठ पर भर्ती हुई और उसी रात  1:30 बजे बेड के बर्नर में शॉर्ट सर्किट हुई जिससे यूनिट में अफरा-तफरी मच गई। नर्सों ने उक्त कमरे में बेड नंबर आठ के आसपास के सभी बच्चों को हटाया और बेड आठ का स्विच काट दिया। लेकिन सुबह 6:15 के आसपास बेड नंबर आठ पर भर्ती हुई बच्ची को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर उसका शव को परिजनों को सौंप दिया।

 

 

हालांकि इस मौत के मामले को लेकर चिकित्सक सत्येेंद्र सिंह ने बताया कि बच्ची गैसपिन में आई थी और उसे बचाया नहीं जा सका। लेकिन अब यहां प्रश्न उठता है कि जब उक्त बच्ची उसी बेड पर भर्ती थी जिस बेड के बर्नर में शॉर्ट सर्किट हुई तब निश्चित रूप से शॉट सर्किट के वक्त बेड का टेंपरेचर कम हो गया होगा और ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो गई होगी।

 

 

तो यह कैसे संभव है कि जब ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई होगी तो उस वक्त इसकी कितनी संभावना है कि वह जीवित ही होगी। फिलहाल उस बच्ची की मौत सवालों के घेरे में है और उस जवाब को फिर ढूंढने की कोशिश की जाएगी कि बच्ची मौत स्वाभाविक है या हादसा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

इसे भी पढ़ें

Back to top button

You cannot copy content of this page