औरंगाबाद

जब लोकराज के लोकनायक पुस्तक के लेखक राकेश औरंगाबाद में अपने नाम के अधिकारी से मिले, हो गए मुरीद उनकी शिष्टता,शालीनता एवं विनयशीलता के

 

औरंगाबाद। हमारे स्वनाम धन्य जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री राकेश कुमार से मुलाकात हुई. गजब़ की शालीनता, शिष्टता और विनयशीलता का समावेश है; राकेश जी में.जिला संवर्ग के बिहार भर के अधिकारियों के लिए राकेश जी की व्यवहार कुशलता, सद् व्यवहार और आमलोगों से मिलने व विभाग से संबंधित समस्याओं को हल करने की कुशलता नज़ीर बन सकता है. यह तो इनके व्यक्तित्व का केवल एक आयाम है.

 

राकेश जी के जीवन पर समाजवादी विचारों का भी प्रभाव है. साथ ही, इन पर भारतीय संस्कृति से जुडा़व है. मैंने जानना चाहा कि आपके विचारों में समानता व सौम्यता का अद्भूत समावेश है जो आप पर समाजवादी चिंतन व संपर्क का प्रतिफल प्रतीत होता है?राकेश बाबू ने बताया कि प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और प्रखर समाजवादी नेता स्व. रामानंद तिवारी से वे प्रभावित हैं. इनके फूफाजी विजयकृष्ण नारायण जी उर्फ बबुल जी तब श्री रामानंद तिवारी जी के मित्र सह निजी सचिव(Private Secretary) हुआ करते थे.

 

एक संस्मरण साझा करते हुए इन्होंने बताया कि सन् 1979 की बात है, तब श्री रामानंद तिवारी जी गले के कैंसर के कारण अस्वस्थ थे. वे अपने फुफा जी के साथ उनसे मुलाकात करने गये थे. रामानंद तिवारी जी ने हकल्लाते हुए अस्पष्ट शब्दों में कहा, ” बबुल(विजय कृष्ण नारायण) समाज न बदलल…….”

 

राकेश जी इनदिनों संस्मरणों के संकलन व लेखन में अपना समय दे रहे हैं. इनकी इच्छा है कि पहली किताब़ में वे अपने परिवार का इतिहास व जीवन के अनुभवों व पक्षों के संस्मरण का लेखन करें.

 

वैसे भारत में लेखन की परंपरा सिमटता सा जा रहा है, जबकि अग्रज श्री राकेश सिंहा जी, सांसद, राज्य सभा ने बातचीत में कई बार जिक्र किया है कि पाश्चात्य देशों में लोग अपने गाँव व घर का भी इतिहास का समेकित लेखन किया करते हैं.

 

अद्भूत व्यक्तित्व के धनी राकेश जी का अध्ययन व्यापक है. जैसा कि उन्होंने बताया, उनके पास विभिन्न विषय-वस्तुओं के पुस्तकों का अच्छा खासा संकलन है. इन्होंने मुझे Book :1857: The War of Independence” की प्रति पढ़ने के लिए उपलब्ध कराने का वादा किया है.

 

लेखन की दुनिया में आपका स्वागत है, राकेश बाबू. आगे की मुलाकात में इनके साथ की तस्वीर व व्यक्तित्व के अन्य आयामों को साझा किया जाएगा.

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