औरंगाबाद

सदर प्रखंड के इब्राहिमपुर के ग्रामीण कैसे देंगे इस बार भगवान भास्कर को अर्घ्य, गंदगी से पटा पड़ा है गांव का तालाब

औरंगाबाद।भले ही राज्य सरकार तालाब, पोखरा, नदी, सरोवर एवं कुंडों की सफाई की बातें क्यों न कर ले, लेकिन जमीनी हकीकत क्या है इसे धरातल पर ही आकर देखा जा सकता है। औरंगाबाद सदर प्रखंड के इब्राहिमपुर गांव स्थित विशाल तालाब की सफाई नहीं होने से ग्रामीण आक्रोशित हैं और छठ पर्व को लेकर इस तालाब में भगवान भास्कर का अर्घ्य कैसे दें इसको लेकर जिला प्रशासन से इसकी सफाई की मांग की है।

ग्रामीणों ने बताया कि लगातार दो वर्षो तक कोरोना महामारी के कारण ग्रामीणों ने अपने अपने घरों में ही कुंड बनाकर अर्घ्य दिए। लेकिन इस बार सार्वजनिक रूप से छठ पर्व मनाए जा रहे हैं। जाहिर सी बात है कि इस वर्ष छठ पर्व के दौरान श्रद्धालु नदियों, तालाबों एवं कुंडों में काफी मात्रा में भगवान भास्कर के अस्ताचल एवं उदयाचलगामी स्वरूप को अर्घ्य अर्पित करेंगे। लेकिन गांव की एकमात्र तालाब गंदगी से पटी हुई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इसकी सफाई की मांग की है ताकि छत पर उल्लास एवं निष्ठा पूर्वक संपन्न हो सके।

 

इस संबंध में ग्रामीणाखीले मिश्रा एवं ब्रजेश मिश्रा ने एक प्रेस बयान जारी करते हुए कहा है कि तालाब का सौंदर्यीकरण होने से जीव जंतुओं एवं मवेशियों का पेयजल सुविधा मुहैया होगी। साथ ही साथ मछली पालन के माध्यम से राजस्व की प्राप्ति के अलावे प्राचीन काल के तरह तालाबों के प्रति लोग जागरूक हो सकेंगे l तालाब मे पानी रहने से पेयजल स्तर की गहराई की समस्या से निजात मिल पाएगा। गर्मी के दिनों में ग्रामीण काफी राहत महसूस करेंगे।

 

विज्ञप्ति में कहा गया है कि उक्त समस्या को लेकर जिला प्रशासन से कई बार ग्रामीणों द्वारा गुहार लगाया गया परंतु अभी तक तालाब का सौंदर्यीकरण नहीं किया गया है। मिश्रा ने बताया कि इस तालाब में प्राचीन समय में सूर्य की पूजा करने हेतु इर्द-गिर्द के गांव के लोग आते थे। आज तालाब का व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होने के कारण अपना पहचान खो चुका है।

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