औरंगाबाद

जानिए कार्तिक माह के पर्व और त्योहार के दिन और उनके शुभ मुहूर्त

कुंदन पांडेय

औरंगाबाद। इस वर्ष 22/10/ 2022 को धनत्रयोदशी (धनतेरस) दिन शनिवार दिन में 4:33 के उपरांत मनाया जाएगा। धनतेरस का पर्व जिसमें मां लक्ष्मी का पदार्पण होता है और साथ ही साथ आर्युवेद के जनक भगवान धन्वंतरि का “अवतरण” दिवस भी है।

 

दिनांक 23/10/ 2022 दिन रविवार को महाशिवरात्रि 5:04 तक रहेगा संध्याकाल । उसके उपरांत चतुर्दशी तिथि आरंभ हो जाएगी जिसे हम लोग नरक चतुर्दशी कहते हैं यानी कि नरक चतुर्दशी दिन रविवार को दिनांक 23/10/ 2022 को मनाया जाएगा।

 

दिनांक 24/10/2022 चतुर्दशी जिस का समापन संध्याकाल 5:04 पर हो जाएगा उसके उपरांत अमावस्या आरंभ हो जाएगी यानी कि दीपावली माता महालक्ष्मी देवी का पूजन दिन सोमवार को मनाया जाएगा‌ माता महालक्ष्मी का आवाहन हमारे धर्म हमारे ग्रंथ में बताया गया है की स्थिर लग्न में यदि महालक्ष्मी का आवाहन हो तो महालक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है इस वर्ष स्थिर लग्न वृष लग्न संध्या 6:36 से 8:33 तक रहेगा और दूसरा स्थिर लग्न सिंह लग्न मध्य रात्रि के उपरांत यानी कि 1:04 से 3:18 तक रहेगा इस लग्न में महालक्ष्मी देवी का आवाहन पूजन अति उत्तम माना गया है।

 

इस कार्तिक महीने में अमावस्या तिथि दिन मंगलवार दिनांक 25/10 /2022 को दिन में 4:35 पर समाप्त हो जा रहा है और चतुर्दशी सोमवार को संध्या 5:04 से अमावस्या तिथि आरंभ हो रहा है इसलिए चतुर्दशी को ही दीपावली मनाई जाएगी।

 

25/10/ 2022 दिन मंगलवार को खंडग्रास सूर्यग्रहण लग रहा है जो कि संध्या 4:42 से आरंभ हो जाएगा सूर्य ग्रहण की समाप्ति संध्या काल 5:00 बज के 22 मिनट पर खत्म होता है यानी कि सूर्य ग्रहण का कुल अवधि 40 मिनट का होगा जो संपूर्ण भारतवर्ष में दिखाई देगा। सूर्यग्रहण में सूतक 12 घंटा पूर्व लग जाता है ऐसे में हमारा शास्त्र बताता है यानी कि सूर्य ग्रहण लगने से 12 घंटा पूर्व सारे मंदिरों का पट बंद हो जाएगा पूजा-पाठ बंद हो जाएगा सूर्यग्रहण समाप्ति के उपरांत सूतक समाप्ति के बाद मंदिरों का पट खुलेगा एवं भगवान का पूजन होगा।

 

कार्तिक शुक्ल पक्ष दिन शुक्रवार दिनांक 28/10/ 2022 को भगवान भास्कर यानी कि छठ पूजा का आरंभ नहाए खाए के साथ आरंभ हो जाएगा।

 

दिन शनिवार 29/10 /2022 को छठ पूजा के भगवान भास्कर के पवित्र प्रसाद ग्रहण करने की तिथि है जिसे हम लोग नयेका लोहड़ा (खरना) कहते हैं संपन्न होगा।

 

दिन रविवार दिनांक 30/10/2022 इस वर्ष छठ व्रत का यानी भगवान भास्कर का जो संध्याकाल में अर्ध पड़ता है वह बड़ा ही उत्तम दिन को पड़ रहा है क्योंकि रविवार वैसे भी भगवान भास्कर का दिन है इसलिए रविवार दिनांक 30/10/ 2022 को संध्या काल का प्रथम अर्घ्य भगवान भास्कर को प्रदान किया जाएगा।

 

दिन सोमवार दिनांक 31/10/ 2022 को प्रातः काल उदयमान यानी कि उगते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया जाएगा उसके पश्चात छठ वर्तियों के द्वारा इस महा पवित्र और पावन पर्व का पारण होगा और इस तरह सूर्य उपासना का महापर्व संपन्न हो जाएगा।

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