औरंगाबाद

सूर्य उपासना के ध्वस्त हुए अब तक के सभी रिकॉर्ड,20 लाख से अधिक छठव्रतियों ने दिया देव सूर्यकुण्ड एवं रुद्रकुण्ड तालाब में अर्घ्य, जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने की पुष्टि

देव में 24 घंटे पड़ते हैं अर्घ्य, हजारों छठ व्रतियों ने प्रथम दिन ही दिया अपना दोनों अर्घ्य

औरंगाबाद।आध्यात्मिक,पौराणिक एवं भगवान भास्कर की धार्मिक नगरी देव के सूर्यकुण्ड एवं रुद्रकुण्ड में देश के विभिन्न कोने से आए लाखों श्रद्धालुओं ने लोक उपासना के महापर्व के तीसरे दिन अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अपना प्रथम अर्घ्य समर्पित कर पूरे परिवार के स्वास्थ्य,संपन्नता एवं सुख समृद्धि की कामना की। छठव्रती कल यानी सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने चार दिवसीय छठ पर्व के अनुष्ठान को संपन्न करेंगी।

 

देव छठ को लेकर जिला प्रशासन द्वारा पिछले एक माह से जो तैयारी एवं रणनीति बनाई गई उसमे प्रथम अर्घ्य को निर्विघ्न कराने में जिला प्रशासन सफल रही और द्वितीय अर्घ्य की तैयारी में जुट गई है। जिला प्रशासन की इस सफलता को लेकर दूर दूर से आए छठ व्रतियों के साथ साथ स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, एसपी कांतेश कुमार मिश्रा के साथ साथ जिले के समस्त अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, स्थानीय जन प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्काउट गाइड के बच्चों के कार्यों की मुक्त कंठों से प्रशंसा की है।

 

छठ पर्व को लेकर सुबह से ही छठव्रतियों की भीड़ देव में उमड़ती दिखी और सुबह से ही श्रद्धालुओं द्वार सूर्यकुण्ड एवं रुद्रकुण्ड में भगवान भास्कर को उगते एवं डूबते सूर्य को अर्घ्य दिए गए। रोहतास, भोजपुर से आए छठव्रतियों ने अपने दोनो अर्घ्य समर्पित कर वापस चले गए। क्योंकि देव नगरी देश के 12 सूर्य मंदिरों में से एक ऐसा मंदिर है जहां 24 घंटे अर्घ्य दिए जाते हैं।

 

लेकिन दोपहर होते ही देव की सभी गालियां एवं रास्ते छठ व्रतियों से पट गए और घाट पर श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ा पड़ा। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने बताया कि इस वर्ष देव के दोनो कुंडों में संध्या के छह बजे तक लगभग 20 लाख से अधिक छठव्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया और लगभग इतने ही श्रद्धालु उद्याचलगम भगवान भास्कर को सोमवार की सुबह अर्घ्य देंगे।गौरतलब है कि इससे पूर्व देव में श्रद्धालुओं की संख्या 12 लाख से अधिक नहीं हुई।लेकिन दो वर्ष कोरिया के कारण बाहरी श्रद्धालुओं के द्वारा देव में छठ पर्व नही करने के कारण इस वर्ष जिला प्रशासन ने 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया था और उसी रणनीति के अनुसार देव की व्यवस्था सुदृढ़ की गई थी और आवासन के लिए कई नए नए शिविर बनाए गए।

 

अर्घ्य के दौरान छठव्रतियों को कोई परेशानी न हो इसको लेकर जिला प्रशासन ने पूरी व्यवस्था कर रखी थी और घाट पर भीड़ नियंत्रित रहे इसको लेकर स्काउट गाइड के साथ साथ पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसके साथ साथ पूरे देव परिसर में एक दर्जन से अधिक कंट्रोल रूम बनाए गए थे और उसकी निगरानी देव में कैंप कर डीएम सौरभ जोरवाल एवं एसपी कांतेश कुमार मिश्रा द्वारा की जा रही थी।

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