औरंगाबाद

समाज में एकता और समानता का ढोंग करता है विपक्ष – पुरुषोत्तम

औरंगाबाद। सवर्ण आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा सुनाए गए फैसले का स्वागत करते हुए भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा संस्थानों में दाखिलों और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण के प्रावधान को बरकरार रखा है। इससे संबंधित 103वें संविधान संशोधन विधेयक को शीर्ष कोर्ट ने दो के मुकाबले तीन मतों के बहुमत से वैध ठहराया।

यह माननीय सर्वोच्च न्यायालय का सराहनीय एवं स्वागत योग्य फैसला है, उन्होंने कहा कि शीर्ष न्यायालय ने अनारक्षित वर्गों के लिए ईडब्ल्यूएस आरक्षण की वैधता को बरकरार रखा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरीबों की भलाई की नीति पर मुहर और सामाजिक न्याय की दिशा में एक ओर कदम बताया।

 

साथ ही इस विचार पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला भारत के गरीबों को सामाजिक न्याय प्रदान करने के अपने मिशन में पीएम मोदी की एक और जीत है। समाज के सभी वैसे स्वर्ण जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं उनके लिए 2019 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जो कदम उठाया था। उसके विरोध में विपक्ष ने मामले को सुप्रीम कोर्ट में ललकारा था।

 

इससे साफ जाहिर होता है की भाजपा के अतिरिक्त अन्य सभी विरोधी संगठन केवल समाज में एकता और समानता की ढोंग रचती है। असलियत यह है कि गरीब सवर्णों को दिए जाने वाले ईडब्ल्यूएस आरक्षण का विरोध कर समाज में एकता एवं समानता की नीव नहीं बल्कि अगली और पिछड़ी की राजनीति कर अपनी राजनीतिक रोटी सेकने की मंशा रखते हैं।

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