औरंगाबाद

दहेज उन्मूलन के लिए मुख्यमंत्री की अपील, जिनके घर शादी के कार्ड में दहेज मुक्त शादी का जिक्र ना हो उनके घर आमंत्रण पर भी न जाए

औरंगाबाद। समाज सुधार अभियान के तहत औरंगाबाद आए मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार ने शहर के पुलिस लाइन अवस्थित ग्राउंड में मगध प्रमंडल के सभी जिलो के जीविका दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। पुलिस केंद्र पहुंचकर माननीय मुख्यमंत्री द्वारा जीविका एवं अन्य विभागों द्वारा लगाया गया फोटो गैलरी एवं स्टॉल का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर जीविका दीदियों ने स्वागत गान गाकर माननीय मुख्यमंत्री का स्वागत किया। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्वलित कर समाज सुधार अभियान कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।

 

 

सर्वप्रथम मंचासीन अपर मुख्य सचिव, मद्य निषेध विभाग, बिहार सरकार श्री केके पाठक ने स्वागत भाषण कर समाज सुधार अभियान अंतर्गत संवाद कार्यक्रम की शुरुआत की।इसके पश्चात संवाद सभा में जीविका दीदियों ने माननीय मुख्यमंत्री के साथ अपना अनुभव साझा किया। जीविका दीदी श्रीकांति देवी एवं कलावती देवी ने अपने जीविका समूह से जुड़ने की कहानी सुनाई कि कैसे सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत उन्हें लाभ मिला। जिसके कारण अपने बच्चों को पढ़ाया लिखाया एवं जरूरतों को पूरा किया एवं बिहार सरकार को धन्यवाद किया।

 

 

जीविका दीदी जबीहा खातून ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे नही थे। जबीहा खातून ने बताया कि किस प्रकार उन्होंने सतत जीविकोपार्जन योजना से जुड़ने, ग्राम संगठन, शौचालय निर्माण, नल जल योजना इत्यादि का लाभ लिया। जीविका दीदी कंचन कुमारी ने भी अपना अनुभव साझा किया।

 

अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, श्री चैतन्य प्रसाद ने बिहार सरकार के शराब बंदी के कानून की सराहना की एवं मद्यपान, दहेज प्रथा एवं बालविवाह जैसे बुराइयों को समाज से मिटाने पर पुलिस एवं प्रशासन की भूमिका पर जोर डाला।

 

 

पुलिस महानिदेशक, श्री एस के सिंघल ने बताया कि महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है। पुलिस में भारी संख्या में महिला पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल में भर्ती होकर शिक्षा का लाभ उठा रही हैं। उन्होंने यहां पर उपस्थित सभी जीविका दीदियों से आग्रह किया कि विकसित एवं शिक्षित समाज बनाने में अपनी सकारात्मक भूमिका दें।

 

 

मुख्य सचिव, श्री आमिर सुबहानी ने बताया कि इसमें संदेह नहीं है कि शराब, दहेज एवं बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है। जीविका दीदियों से आग्रह है कि इन बुराइयों को जड़ से मिटाने में प्रशासन को सहयोग करें। आपके द्वारा आर्थिक मोर्चे पर किए गए कार्य प्रसंशनीय है परंतु समाज को सुधारने में भी आप की अत्यंत आवश्यकता है। अवैध रूप से शराब बेचे जाने की जानकारी मिलने पर मध्यनिषेध विभाग के टॉल फ्री नंबर पर कॉल कर तुरंत सूचित करें।

 

 

माननीय मंत्री अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण विभाग श्री संतोष कुमार सुमन ने बताया कि समाज में शिक्षा की कमी के कारण बाल विवाह एवं दहेज प्रथा का चलन होता है। उन्होंने बताया कि नशाखोरी समाज की सबसे बड़ी बुराई है एवं इसे पूरी तरह खत्म करना बहुत जरूरी है।

 

 

माननीय मंत्री कृषि विभाग, श्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि माननीय मुख्यमंत्री के पहल पर 2016 में इस कानून को बनाया गया एवं शराब बंदी के विरुद्ध जन जागृति हो इसपर भी जोरों पर कार्य कराया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री ने मजबूती के साथ शराब के विरुद्ध इस संकल्प को आगे बढ़ाया एवं आज बहुसंख्यक के द्वारा इसका समर्थन किया जा रहा है।

 

 

माननीय मंत्री, उद्योग विभाग, श्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने बताया कि वर्ष 2005 में जब आप न्याय यात्रा पर निकले थे तब मैंने आपके कदम से कदम मिलाकर साथ दिया एवं आगे भी देता रहूंगा। माननीय मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के पथ पर चलते हुए शराब बंदी का कार्य किया जो काफी सराहनीय एवं बड़ा अभियान है। उन्होंने नीतीश सरकार के नैतिकता के साथ विकास के कार्य को सराहा।

 

 

माननीय मंत्री खान एवं भूतत्व विभाग प्रभारी मंत्री औरंगाबाद जिला श्री जनक राम ने माननीय मुख्यमंत्री की समाज सुधार के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति की सराहना की। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री द्वारा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास को पहुंचाने के लिए धन्यवाद दिया।

 

 

माननीय मंत्री मध्यनिषेध विभाग, श्री सुनील कुमार ने बताया कि जबसे सूबे की जनता ने माननीय मुख्यमंत्री को चुना है तब से बिहार की दिशा बदल गई है। आज काफी बदलाव है, अमन एवं चैन है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति तभी होगी जब विकास होने के साथ साथ सामाजिक कुरीति भी मिटेगी।

 

 

इसके पश्चात माननीय मुख्यमंत्री ने जल जीवन हरियाली अभियान के तृतीय संस्करण की पुस्तक का विमोचन किया। इसके अतिरिक्त मध्यनिषेध विभाग द्वारा प्रकाशित परिवादों की पुस्तिका का विमोचन किया। इसके पश्चात कृषि कल्याण अभियान अंतर्गत औरंगाबाद में कृषि यंत्र बैंक की स्थापना हेतु जीविका दीदियों को चाभी हस्तांतरित किया।

 

 

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में बताया कि न्याय के साथ विकास का कार्य जब शुरू हुआ था तब उससे पहले ये हालत थी कि शाम होने के बाद कोई घर से निकलने की हिम्मत नही करता था। परंतु आज कानून का शासन है, अमन एवं चैन है। सभी जगह सड़कें बन गई हैं, लोगों को दूर दराज में कहीं भी जाने के लिए सोचना नहीं पड़ता है। इतना ही नहीं माननीय मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना एवं मुख्यमंत्री बायसाइकिल योजना के तहत बालिकाओं को काफी फायदा मिला। वर्ष 2006 में जब जीविका की शुरुआत हुई तब 10 लाख लोगों को स्वयं सहायता समूह से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। आज हमारा सौभाग्य है कि बिहार में 01 करोड़ से भी ज्यादा लोग स्वयं सहायता समूह से जुड़े हुए हैं उसे हमने “जीविका” नाम दिया है। उन्होंने बताया कि शराब इंसान को अंदर से खा जाता है। यदि इसका निरंतर अभियान नही चलेगा जो इसका समाज पर काफी बुरा असर होगा। जहरीली शराब से कई लोगों की पूर्व में मृत्यु हुई है। उन्होंने बापू की बात याद दिलाई कि शराब आदमी से न सिर्फ उसका पैसा छीन लेता है बल्कि उनकी बुद्धि भी हर लेता है और शराब पीने वाला इंसान हैवान हो जाता है। बापू के इस पहल को हमें आगे बढ़ाना चाहिए।मुख्यमंत्री ने वर्ष 2018 के विश्व स्वास्थ्य सगठन की रिपोर्ट को साझा करते हुए बताया कि विश्व में शराब सेवन करने से 30 लाख लोगों की मौत एक वर्ष में हुई है ।दुनिया में जितनी मौत होती है उसमें शराब के कारण 5.3 प्रतिशत लोग असमय काल के गाल में समा जा रहे हैं। शराब पीने से 20 साल से 39 साल में 13.5 प्रतिशत लोगों की मृत्यु हो जाती है। शराब पीने से मानव शरीर में 200 प्रकार की बीमारियां आती हैं।

 

 

शराबबंदी लागू करने के बाद सड़क दुर्घटना में भी काफी कमी आई। बापू द्वारा दिए गए शराब बंदी के इस संदेश को जन जन तक पहुंचाना है। बाल विवाह वाले लोगों के बच्चे एवं बच्चियों को कई तरह की बीमारियों का शिकार होना पड़ता है। इसका भी निश्चित रूप से अभियान चलाना चाहिए। शादी के कार्ड में दहेज नहीं लेने का संदेश छपा होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है जिनके घर के शादी समारोह के कार्ड में ऐसी बातों का उल्लेख ना हो वैसे लोगों के यहां समारोह में जाने से परहेज करें ताकि वह शर्मिंदा हो और अन्य लोग इससे सबक ले सकें।

 

 

शराबबंदी के संदर्भ में उन्होंने बताया कि मद्य निषेध विभाग द्वारा टॉल फ्री नंबर जारी किया गया है। किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त होने पर इस टोल फ्री नंबर पर कॉल कर आप इसकी सूचना दें। हर चेक पोस्ट पर 24 घंटे अभियान चलाया जाय। चुलाई शराब के अड्डों पर लगातार छापेमारी की जाए। आप सबसे अपील है कि बाल विवाह एवं दहेज के खिलाफ आप खड़े हो। इसके कारण लड़कियों को काफी संकट झेलना पड़ता है।

 

 

माननीय मुख्यमंत्री ने बताया कि कोविड के केसेस देश के साथ साथ हमारे राज्य में भी बढ़ रहे हैं। पटना और गया में भी केसेस बढ़ रहे हैं। हम लगातार जांच करवा रहे हैं। सरकार के द्वारा जो भी सलाह दी जाती है आप उसका पालन करें। रोज हमलोग लगभग पौने 02 लाख जांच करा रहे हैं। कोविड के ओमीक्रॉन वेरिएंट के जांच का इंतजाम भी पटना में कराया जाएगा। हम सभी को कोविड के संक्रमण से बचने के लिए जागरूक रहना चाहिए।

 

 

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का काम हम निरंतर करते रहे हैं परंतु विकास तभी लाभदायक होगा जब समाज सुधार होगा। समाज में प्रेम एवं भाई चारे का संदेश दीजिए एवं एक दूसरे का सम्मान कीजिए।

 

 

संवाद कार्यक्रम के पश्चात माननीय मुख्यमंत्री द्वारा समाहरणालय अवस्थित योजना भवन में मगध प्रमंडल के सभी जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के साथ समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक में मध्य निषेध, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मुलन, कोविड-19 संक्रमण से बचाव एवं रख रखाव इत्यादि मुद्दों पर चर्चा की गई।

 

 

इस कार्यक्रम में माननीय मंत्री, उद्योग विभाग, श्री सैयद शाहनवाज हुसैन, माननीय मंत्री खान एवं भूतत्व विभाग श्री जनक राम, माननीय मंत्री अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण विभाग श्री संतोष कुमार सुमन, माननीय मंत्री कृषि विभाग, श्री अमरेंद्र प्रताप सिंह, माननीय मंत्री मध्यनिषेध विभाग, श्री सुनील कुमार, माननीय जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती प्रमिला देवी, माननीय सांसद काराकाट महाबली सिंह, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग चैतन्य प्रसाद एवं अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।

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