औरंगाबाद

मुख्यमंत्री ने योजना भवन में पांच जिलों के अधिकारियों के साथ की विभागवार समीक्षा, शराबबंदी एवं नीरा व्यवसाय पर दिया जोर, भूमि विवाद लंबित ना रखने का दिया निर्देश

औरंगाबाद। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में औरंगाबाद समाहरणालय स्थित योजना भवन सभागार में समाज सुधार अभियान की मगध प्रमंडल की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष मगध प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े ने प्रजेंटेशन के माध्यम से औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, अरवल एवं नवादा जिले में समाज सुधार अभियान की दिशा में की गई कार्रवाई, मध्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अंतर्गत वाहनों की नीलामी, उत्पाद एवं पुलिस के अधीन जप्त शराब का विनिष्टिकरण, नीरा उत्पादन, नशा मुक्ति केंद्र, सघन नदी गस्ती, जमानत प्राप्त अभियुक्तों के विरुद्ध कार्रवाई, उत्पाद वादों की अद्यतन स्थिति, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा की स्थिति, दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज कांडों की विवरणी, जन जागरूकता एवं प्रचार प्रसार, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, अन्य हितधारकों का उन्मुखीकरण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

 

 

मगध आयुक्त ने गृह विभाग से संबंधित प्रतिवेदन के अंतर्गत थाना, अनुमंडल एवं जिला स्तर पर भूमि विवाद का समाधान, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के वादों के निष्पादन की स्थिति,अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम के कांडों में मुआवजा के संवितरण की स्थिति, लंबित पुलिस वादों के विवरण, सतत जीविकोपार्जन योजना से संबंधित प्रतिवेदन, हर घर नल जल योजना की स्थिति, मुख्यमंत्री ग्रामीण गली नाली पक्कीकरण, सात निश्चय योजना की प्रगति प्रतिवेदन, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान(2) के तहत निर्मित शौचालय संबंधित प्रतिवेदन, खरीफ विपणन मौसम 2021-22 के अंतर्गत धान अधिप्राप्ति का प्रतिवेदन, 2021 में बाढ़ के दौरान की गई कार्रवाई, कोविड-19 संक्रमण के आलोक में की गई कार्रवाई, कृषि इनपुट अनुदान से संबंधित स्थिति, मुख्यमंत्री शहरी पेयजल निश्चय योजना का प्रतिवेदन आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

 

 

समाज सुधार अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब के धंधे वालों पर विशेष नजर रखें और पकड़े जाने पर सख्त कार्यवाही करें। मध् निषेध एवं पुलिस विभाग द्वारा जप्त किए गए शराब विनिष्टिकरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरा करें ताकि कोई इधर उधर नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 में बिहार के 3 जिलों वैशाली, नालंदा और गया में नीरा उत्पादन का कार्य बहुत ही बेहतर ढंग से शुरू किया गया था। इससे नीरा का व्यवसाय करने वालों की आमदनी में काफी बढ़ोतरी हुई। लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण नीरा उत्पादन का कार्य बाधित हुआ है। इसे शीघ्र ही शुरू करें। क्योंकि नीरा काफी स्वादिष्ट एवं स्वास्थ्यवर्धक पेय पदार्थ है। नीरा के सेवन करने से कोरोना से भी बचाव होता है।

 

 

सीएम ने कहा कि ताड़ का पेड़ नवादा और गया में भी काफी संख्या में है। ताड़ी के चुलाई का कार्य करने वाले लोगों को इस कार्य से जोड़े। उन्होंने कहा कि थाना,अनुमंडल एवं जिला स्तर पर भूमि विवाद से संबंधित बैठके  निर्धारित तिथि पर जरूर ताकि कोई मामला लंबित नहीं रहे। इस काम में अगर कोई अधिकारी कोताही या टालमटोल करते हैं तो उन्हें वहां से हटाकर दूसरे की जिम्मेवारी सौंपे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की भी आहट है और इससे जुड़े मामले भी धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं कोरोना के दौर में भी इन बैठकों को बंद नहीं करें कोरोनावायरस का प्रकोप ज्यादा बढ़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन बैठकों को आयोजित करें मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवाद के मामलों को कम करने के लिए कई स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। इसके लिए राज्य सरकार भूमि का नया सर्वे करवा रही है।

 

 

वर्ष 2006 से जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम शुरू कराया गया था जिसमें यह पाया गया कि 60 प्रतिशत हत्या का कारण जमीन विवाद और आपसी झगड़े होते हैं। 20 जगहों पर काफी तेजी से भूमि सर्वे का कार्य किया जा रहा है। एरियल सर्वे भी कराया गया ताकि सर्वे का काम ठीक ढंग से हो सके।सीएम ने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में 60 दिनों के अंदर चार्जशीट दायर करें।

 

 

सीएम ने समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों से आग्रह करते हुए कहा कि हर घर नल का जल योजना में अगर कहीं किसी प्रकार की शिकायत या समस्या आती है तो उसे अधिकारियों को अवगत कराएं। ताकि उसका समाधान किया जा सके। मेंटेनेंस का कार्य भी निरंतर करते रहना है ताकि लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पेयजल निरंतर उपलब्ध होता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 में ऐक्ट बनाकर हम लोगों ने बिहार में किसानों से धान एवं गेहूं की अधिप्राप्ति का कार्य शुरू कराया। पहले बिहार में पैसों की क्या हालत थी यह किसी से छुपी नहीं थी। अब हम लोगों ने पैसों को ताकत बढ़ा दी है इस वर्ष धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य 45 लाख मैट्रिक टन निर्धारित किया गया है पिछले वर्ष धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य 35 लाख मैट्रिक टन था जिसके एवज में 34 लाख मैट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति हुई थी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यदि कहीं कोई पैक्स किसानों से घ्यन की खरीदारी नहीं करता है तो उसके विरुद्ध सख्त एवं त्वरित कार्रवाई करें।

 

 

समीक्षा बैठक में औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, अरवल, नवादा जिले के सांसद, विधायक एवं विधान पार्षद गणों ने अपने अपने क्षेत्र की समस्याएं रखी। जिसका त्वरित निष्पादन करने का मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में गया जिले के प्रभारी सह उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन अरवल जिले के प्रभारी सह कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह, औरंगाबाद जिले के प्रभारी सह खान एवं भूतत्व मंत्री जनक राम, मधनिषेध उत्पाद एवं निबंधन मंत्री सुनील कुमार, अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण लघु जल संसाधन सह जहानाबाद जिले के प्रभारी मंत्री संतोष कुमार सुमन, औरंगाबाद गया, जहानाबाद, अरवल नवादा के सांसद, विधायक, विधान पार्षद, मुख्य सचिव अमीर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, औरंगाबाद डीएम सौरभ जोरवाल, गया डीएम अभिषेक सिंह, जहानाबाद डीएम हिमांशु कुमार राय, अरवल डीएम जे प्रियदर्शनी, नवादा डीएम यशपाल मीणा, गया पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार, औरंगाबाद पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा, जहानाबाद पुलिस अधीक्षक दीपक रंजन, अरवल पुलिस अधीक्षक राजीव रंजन, नवादा पुलिस अधीक्षक श्रीमती डीएस सांवलाराम सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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