औरंगाबाद

ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान की अगर नही होगी भरपाई तो होगा आंदोलन-प्रमोद सिंह

औरंगाबाद। रफीगंज विधानसभा से प्रत्याशी रहे जिले के प्रसिद्ध समाजसेवी प्रमोद सिंह ने जिलाधिकारी को एक पत्र लिखकर जिले के विभिन्न प्रखंडों में भारी बारिश एवं ओलावृष्टि होने के कारण किसानों की हुई क्षतिपूर्ति का वास्तविक आंकलन कर मुआवजे की मांग की है। जिलाधिकारी को लिखे पत्र में उन्होंने बताया है कि किसानों के खेत में लगे गेहूं, चना, मसूर, मटर, धनिया, सरसो, आलू, फूल गोभी, टमाटर इत्यादि के साथ-साथ सब्जी की फसलें इस आपदा से पूरी तरह नष्ट हो गई है।

 

 

इस आपदा से किसानों के चेहरे उतर गए हैं। ओलावृष्टि में उन्होंने अपना सब कुछ गवां दिया। उनके लिए प्रकृति की मार कोई नई बात नहीं है। लेकिन इस वर्ष हुई ओलावृष्टि ने उनकी कमर तोड़ दी जिसका अंदाजा किसानों को नहीं था।ओलावृष्टि से लगभग सभी किसानों के खलिहान में रखे धान के बोझे सड़ने लगे हैं और बोझे के धान अंकुरित होने लगे है।

 

 

जिलाधिकारी को दिए आवेदन के माध्यम से उन्होंने बताया है कि प्रकृति की इस मार से किसान दाने-दाने के लिए मोहताज हो गए हैं। फसल चौपट होने की स्थिति में किसान भाइयों को बेटे बेटी की पढ़ाई, शादी आदि कई समस्याओं से जूझने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस तबाही ने उनके सारे सपने चूर कर दिए। श्री सिंह ने बताया कि वह औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र के रफीगंज विधानसभा से दो बार उपविजेता रहे हैं।इस नाते वे बिहार सरकार एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के साथ साथ जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए भारी बारिश एवं ओलावृष्टि से नष्ट हुए फसल का आकलन करने की मांग कर रहे हैं और यह भी मांग कर रहे हैं कि समुचित आकलन कर जल्द से जल्द किसानों को उनका उचित मुआवजा दिया जाए।

 

 

आवेदन देने के बाद विशेष बातचीत में श्री सिंह ने बताया कि किसानों की समस्या को लेकर वे लगातार संघर्ष करते रहे हैं और आगे भी इस आपदा में वे उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के निर्देश का अनुपालन करने के लिए प्राधिकृत पदाधिकारी यदि मुआवजे का आंकलन करने में किसी भी तरह की कोताही बरतते हैं तो उसे माफ नहीं किया जाएगा। अगर किसानों को उनके नुकसान की उचित मुआवजे नहीं मिलेंगे तो वे अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे और अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन करते हुए चक्का जाम कर दिया जाएगा। जिसकी पूरी जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी।

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