औरंगाबाद

मच्छर नाशक लिक्विड पीकर बाल सुधार गृह के एक बाल बंदी ने की खुदकुशी की कोशिश

औरंगाबाद। सदर प्रखंड के बभंडी स्थित बाल सुधार गृह में बाल बंदियों का हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है इसी क्रम में मंगलवार को गया के एक बाल बंदी ने मच्छर मारने वाली लिक्विड पीकर खुदकुशी का प्रयास किया। लेकिन समय पर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध करा कर उसे बचा लिया गया। जानकारी देते हुए बाल संरक्षण पदाधिकारी सह बाल सुधार गृह के प्रभारी सुजीत कुमार ने बताया कि सीवान के एक बाल बंदी के द्वारा दो दिन पूर्व सुपरिटेंडेंट विक्रमादित्य पाल, पीओ बैजनाथ कुमार और बीएमपी के 3 जवानों पर अपनी पिटाई का आरोप लगाया था और उसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल की गई थी।

 

वायरल वीडियो के मामले को सामने आने के बाद आज मंगलवार को बाल सुधार गृह के सभी चारों कक्षों की सघन तलाशी की गई।इस तलाशी के दौरान कुछ बाल बंदियों के पास से मोबाइल बरामद किए गए। जिसे जप्त कर लिया गया। इस कार्रवाई के बाद गया के बाल बंदी ने मच्छर मारने वाली लिक्विड का सेवन कर लिया जिसके बाद तत्काल चिकित्सक को बुलाकर उसका इलाज किया गया। फिलहाल उसकी स्थिति सामान्य है।

 

उन्होंने बताया कि कुछ बाल बंदी बाल सुधार गृह में अपनी मनमानी करना चाहते हैं और जब उनकी मनमानी पूरी नही की जा रही है तो वे अन्य बाल बंदियों को  प्रशासनिक व्यवस्था वहां कार्यरत कर्मियों के खिलाफ भड़का कर और तरह तरह के हथकंडे अपनाकर बाल सुधार गृह को बदनाम करने की कोशिश करते हैं। बाल संरक्षण पदाधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि बाल सुधार गृह में मात्र चार से पांच ही ऐसे बाल बंदी हैं जो ऐसी हरकत कर रहे हैं।

 

बाल बंदी के द्वारा मच्छर मारने वाली लिक्विड का सेवन करने की सूचना के बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री विजयंत एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौतम शरण ओमी ने बाल सुधार गृह का निरीक्षण किया और बाल बंदियों से बातें की तथा उन्हें काफी समझाया।

 

गौरतलब है कि अपने स्थापना काल से हैं बभंडी स्थित बाल सुधार गृह विवादों में रहा है।शुरुआती दौर में ही यहां से 6 बाल बंदी फरार हो गए थे जिन्हें काफी मशक्कत के बाद वापस लाया गया। इसके कुछ माह बाद ही बाल बंदियों ने सुधार गृह में खाने की व्यवस्था सही नही रहने और शिकायत करने पर मारपीट का आरोप लगाकर न सिर्फ जमकर हंगामा किया बल्कि काफी तोड़फोड़ की।

 

 

इस दौरान 33 बाल बंदी सुधार गृह से फरार हो गए थे। उन्हें भी काफी मशक्कत के बाद वापस लाया गया। बाल संरक्षण पदाधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि 5 बंदियों को छोड़कर सभी बंदी सामान्य स्थिति में है और सभी अच्छी तरह से खाना खा रहे हैं। इतना ही नही खेल के मैदान में विभिन्न खेलों का आनंद भी उठा रहे हैं। मामले के बाद वरीय अधिकारियों के निर्देश पर सुधार गृह की निगरानी की जा रही है।

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