औरंगाबाद

अनाप शनाप बयानबाजी पर लगाम लगाएं जदयू के नेता-अश्वनी तिवारी

औरंगाबाद। भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रवक्ता अश्वनी कुमार तिवारी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में जनता दल यूनाइटेड के साथ गठबंधन किया है। इसका मतलब यह नहीं हो जाता की जनता दल यूनाइटेड के नेता अपने गठबंधन धर्म को भूलकर अनाप-शनाप बयान बाजी भारतीय जनता पार्टी के सर्वश्रेष्ठ नेताओं के बारे में करें। गठबंधन धर्म का मतलब यह नहीं होता है कि उनके छोटे-मोटे नेता भी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता के बारे में कुछ कहें। जनता दल यूनाइटेड के आलाकमान से निवेदन है कि वह अपने नेताओं के बयानबाजी पर अंकुश लगाएं नहीं तो भारतीय जनता पार्टी के पास भी ऐसे नेता हैं जो इस स्तर पर आकर बयानबाजी कर सकते हैं।

 

 

माननीय मुख्यमंत्री इसमें हस्तक्षेप करें। नहीं तो, जिस बिहार को विकसित बिहार और समृद्ध बिहार बनाने का संकल्प मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने लिया है, वह अधूरा रह जाएगा। कुछ नेता ऐसे होते हैं जिन्हें सिर्फ अपनी राजनीति से मतलब है। वह सर्वजन सुखाय सर्वजन हिताय के फार्मूले पर काम नहीं करते हैं। उनका फार्मूला सिर्फ स्वजन हिताय स्वजन सुखाय होता है।

 

कुछ नेता चौथी बार जदयू में आये, और ये जब से जनता दल यूनाइटेड में आए हैं, तबसे उन्हें ना जाने किस तरह की बेचैनी हो रही है? इससे पहले भी वह जब एनडीए में थे तो इसी तरह से कुलबुलाते रहते थे। जब भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड की सरकार प्रदेश में बेहतर तरीके से काम कर रही है तो उन्हें इस बात की बेचैनी हो रही है कि सरकार अच्छी तरीके से क्यों चल रही है? उनकी आत्मा बेचैन रहती है। वह एक जगह टिक नहीं सकते है। ऐसे लोग प्रदेश के विकास में बाधक है। इन्हें सिर्फ अपनी कुर्सी प्यारी होती है। इनके लिए प्रदेश की जनता कोई मायने नहीं रखती।

 

उन नेताओं को शायद यह नहीं पता है कि भारतीय जनता पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है और इसका संगठन गांव गांव तक है और इसके संगठन में हर किसी का अपना एक अलग महत्व है। राष्ट्रीय स्तर पर अलग पदाधिकारी होते हैं। प्रदेश स्तर पर अलग पदाधिकारी होते हैं। जिला और प्रखंड स्तर पर भी हमारे यहां अलग पदाधिकारी होते हैं। उन्हें यह पता नहीं है जिस प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होती है और भाजपा वहां सरकार में शामिल रहती है, उसकी समीक्षा करना भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का काम होता है।

 

 

यह लोकतांत्रिक तरीका है और इस लोकतांत्रिक तरीके से यदि उन नेताओं को आपत्ति है तो यह समझ में आता है कि वह जदयू को प्राइवेट लिमिटेड पार्टी बनाना चाहते हैं।जदयू के उक्त नेता जी को यह पता होना चाहिए कि भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड ने मिलकर बिहार को जंगलराज से मुक्ति दिलाई थी और उन्हें इस बात का भी ख्याल रखना चाहिए जो सरकार बनी है, वह बिहार के विकास और समृद्धि के आधार पर काम करने के लिए बनी है और यदि इसमें कोई भी बाधक बनता है तो वह बिहार का शत्रु होगा।

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