औरंगाबाद

शहर के प्रधान डाक घर सभागार में डाक अधीक्षक ने की मिशन लाइफ की शुरुआत

औरंगाबाद।शहर के सब्जी मंडी के समीप स्थित प्रधान डाकघर के सभाकश में गुरुवार को डाक अधीक्षक सुनील कुमार ने मिशन लाइफ की शुरुआत की। इस दौरान प्रधान डाकघर के डाकपाल ने पौधा देकर डाक अधीक्षक को सम्मानित किया।इस मौके पर डाक अधीक्षक ने कहा कि मिशन लाइफ क्लाइमेट चेंज के खिलाफ लाइफ में यूनिटी ही सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर है। मिशन लाइफ क्लाइमेंट चेंज के खिलाफ एक लोकतांत्रिक लड़ाई है।

 

इस लड़ाई के माध्यम से हर व्यक्ति अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर पर्यावरण का ट्रस्टी बन सकता है।उन्होंने बताया कि ट्रस्टी का मतलब है शोषक नहीं पोषक। डाक अधीक्षक ने कहा कि मिशन लाइफ पी3 की अवधारणा को मजबूत करेगा। P3 यानी प्रो प्लैनेट पीपुल। मिशन लाइफ प्रो प्लैनेट पीपुल के तौर पर जोड़ता है। डाक अधीक्षक ने कहा कि लाइफस्टाइल ऑफ द प्लैनेट, फॉर द प्लैनेट, एंड बाइ द प्लैनेट के मूल सिद्वांत पर चलता है।

 

मिशन लाइफ (Mission Life) के मोके पर कहा कि छोटी-छोटी बातों से पर्यावरण बच सकता है। डाक अधीक्षक ने उदाहरण दिया कि कुछ लोग एयरकंडीशनर का तापमान 17 डिग्री रखते हैं। फिर बाद में वे कंबल ओढ़ते हैं। ऐसा करना उनका स्वभाव बन गया है। इसमें बदलाव लाने की जरूरत है।

 

सहायक डाक-अधीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह भी (Mission Life) पर्यावरण के जैविक संघटकों में सूक्ष्म जीवाणु से लेकर कीड़े-मकोड़े, सभी जीव-जंतु और पेड़-पौधे आ जाते हैं और इसके साथ ही उनसे जुड़ी सारी जैव क्रियाएँ और प्रक्रियाएँ भी। अजैविक संघटकों में जीवनरहित तत्व और उनसे जुड़ी प्रक्रियाएँ आती हैं, जैसे: चट्टानें, पर्वत, नदी,हवा और जलवायु के तत्व सहित कई चीजे इत्यादि रहती है।

प्रधान डाकघर के वर्तमान डाकपाल वैद्यनाथ प्रसाद ने बताया आज (Mission Life) एक जरूरी सवाल ही नहीं बल्कि ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है। लेकिन आज लोगों में इसे लेकर जागरूकता की कमी है। ग्रामीण समाज को छोड़ दें तो भी महानगरीय जीवन में इसके प्रति खास उत्सुकता नहीं पाई जाती। परिणामस्वरूप पर्यावरण सुरक्षा महज एक सरकारी एजेण्डा ही बन कर रह गया है। जबकि यह पूरे समाज से बहुत ही घनिष्ठ सम्बन्ध रखने वाला सवाल है। जब तक इसके प्रति लोगों में एक स्वाभाविक लगाव पैदा नहीं होता, पर्यावरण संरक्षण एक दूर का सपना ही बना रहेगा।पर्यावरण का सीधा सम्बन्ध प्रकृति से है। अपने परिवेश में हम तरह-तरह के जीव-जन्तु, पेड़-पौधे तथा अन्य सजीव-निर्जीव वस्तुएँ पाते हैं। ये सब मिलकर पर्यावरण की रचना करते हैं।

इस अवसर पर पूर्व डाकपाल (जाखिम) अशोक कुमार सिंह (Mission Life) और योगा के बारे में जिवन में किया महत्व है साझा किया। साथ ही शंकर दयाल सिंह ने इस मौके पर विस्तार से लोगो में चर्चा की। इस कार्यकर्म में निर्भय कुमार सिंह, अनिता तिवारी, शोभा गुप्ता, अंजू सिंह, खुशबू कुमारी, गुफरान अनवर,  अनुज कुमार सिंह, रंजन कुमार सिंह, नागेन्द्र कुमार सिन्हा, बिरेंदर कुमार सिंह, अमीर बशीर, ओमप्रकाश, मनोज कुमार, दुर्गा गुप्ता, शफी अहमद, अविनाश केसरी, श्रीराम प्रजापति, राजू कुमार आदि उपस्थित रहे।

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