औरंगाबाद

आपसी सहयोग कर शिक्षकों ने कैंसर की चपेट में आकर काल के गाल में समा गई शिक्षिका के आश्रितों को सौंपी सहायता राशि,पेश किया मानवता की मिशाल

औरंगाबाद। देव प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय ब्लॉक कॉलोनी में कार्यरत शिक्षिका रेहाना ख़ातून एक सप्ताह पहले कैंसर से लड़ती हुईं जिंदगी की जंग हार गई। वे अपने पीछे तीन मासूम छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गई। सबसे छोटे बच्चे की उम्र साढ़े तीन वर्ष है। उनके पति ऑटो चलाने का कार्य करते हैं।

 

 

शिक्षिका के बीमारी में उनकी सारी जमापूंजी उनके साथ बीमारी से लड़ते हुए समाप्त हो गयी।जिसके कारण प्रखण्ड के शिक्षको ने एकजुट होकर 1,11,000/-(एक लाख ग्यारह हजार रुपये)की सहायता राशि एकत्रित कर उनके घर जाकर उनके बच्चों को सौंप दी और उन्हें ढांढस दिलाया और कहा कि विभागीय नियम के आलोक में जो भी देय होगा वह भी उन्हें दिलवाने के प्रयास करेंगे ।इस प्रकार प्रखंड के शिक्षकों ने आपसी सहयोग से न सिर्फ मृत शिक्षिका के परिजनों को राहत दी है  बल्कि आने साथ काम करने वालों के जीवित न रहने पर भी मदद करने का एक उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।

 

 

 

गौरतलब है कि इसके पूर्व भी मध्य विद्यालय हैदरचक के शिक्षक ललन चौधरी के आकस्मिक निधन होने के बाद देव प्रखंड के शिक्षकों ने मिलकर 1,34,000 रुपये का आर्थिक सहयोग स्व0 चौधरी के पत्नी को किया।आगे भी इस तरह का कोई घटना घटित होता है तो देव प्रखंड के शिक्षक आपसी सहयोग से पीड़ित शिक्षक/शिक्षिका को आर्थिक मदद करने के लिये दृढसंकल्पित है। सहायता राशि सौपते वक्त अजय पाठक, नंदकिशोर कुमार, बसन्त चैरसिया, रंजीत कुमार सिंह, सुरेंद्र राम, सोहैल अहमद, रमेश कुमार शर्मा, सुशील कुमार एवम ज्ञानेश्वर कुमार इत्यादि शिक्षक मौजूद थे।

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