औरंगाबाद

हरिद्वार में शब्दाक्षर के राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित हुए औरंगाबाद के साहित्यकार

औरंगाबाद। राष्ट्रीय स्तर की साहित्यिक संस्था ‘शब्दाक्षर’ द्वारा देवभूमि हरिद्वार के शर्मा परिवार होटल में त्रिदिवसीय राष्ट्रीय काव्य समागम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह, आयोजन प्रमुख डा बुद्धिनाथ मिश्र एवं व्यवस्था प्रमुख केवल कोठारी की देखरेख में आयोजित यह कार्यक्रम अत्यंत ही भव्य, आकर्षक एवं अनुकरणीय रहा।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय संगठन सचिव विश्वजीत शर्मा ने किया। मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं स्वस्तिवाचन के साथ साहित्यानुष्ठान का श्रीगणेश हुआ। तदुपरांत भारत के पच्चीस राज्यों से पधारे एक सौ पंद्रह काव्यकारों-साहित्यकारों को अंगवस्त्र, श्रीफल, स्मृतिचिह्न, उत्तरीय एवं मोतियों की माला द्वारा सम्मानित किया गया।

औरंगाबाद जिलाध्यक्ष धनंजय जयपुरी के नेतृत्व में कवि नागेंद्र कुमार केशरी, जनार्दन मिश्र जलज,अनिल अनल,अनुज बेचैन एवं कुमार शानू मौर्य ने विविध छंदों एवं रसों में अपनी -अपनी दमदार रचनाओं की प्रस्तुति देकर उपस्थित कवि- कवत्रियों एवं अन्य दर्शकों -श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।इस संस्था की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि भारत कि यह पहली संस्था है जिसने प्रखंड स्तर तक शब्दाक्षर को विस्तारित करने का कार्य किया है।

इस कार्यक्रम में 2021-22 में प्रकाशित काव्यकारों में क्रमश: धनंजय जयपुरी, राजीव खरे, स्मृति कुलश्रेष्ठ, नीता श्रीवास्तव, सुमन सुरभि, धर्मपाल साहिल, संत कुमार वाजपेई तथा प्रदीप देवीशरण की पुस्तकों में से ‘कवि हरिश्चंद्र गुप्ता सम्मान’ के तहत नीता श्रीवास्तव की कृति ” मेरी मिल्कियत” को प्रथम पुरस्कार 51000 तथा द्वितीय पुरस्कार डॉ सुमन सुरभि की कृति “चेतना के पंख” के लिए 21000 रु का चेक, प्रशस्ति पत्र तथा शील्ड प्रदान किया गया।

सर्वाधिक साहित्यिक आयोजन कराने वाली संस्थाओं में से कानपुर, जहानाबाद एवं महाराष्ट्र की समितियों को क्रमशः10000 5000 एवं 2000 रु का पुरस्कार प्रदान किया गया।

श्री जयपुरी ने हर्ष व्यक्त करते हुए बतलाया कि हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि हमारी टीम को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में भाग लेने, सम्मानित होने एवं अपनी कविताओं की दमदार प्रस्तुति करने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर उपरोक्त कवि-कवयित्रियों के अलावा देश की कुछ नामचीन हस्तियों ने अपनी दमदार काव्य-प्रस्तुतियों से हमारा मनोरंजन एवं ज्ञानवर्धन किया उनमें से लखन डहेरिया, श्यामल मजूमदार, ज्योति अग्नि, मनोज मिश्र पद्मनाभ, सावित्री सुमन, डा रश्मि प्रियदर्शिनी, इन्द्रजीत चौधरी, सागर शर्मा आजाद, स्मृति कुलश्रेष्ठ इत्यादि प्रमुख थे।

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