औरंगाबादस्वास्थ्य

डॉ प्रभात ने लैप्रोस्कोपिक पाइलोप्लास्टी विधि से जिले में पहला सर्जरी कर यूपीजे मरीज को दिया जीवनदान

औरंगाबाद। शहर के महाराजगंज रोड स्थित प्रभात यूरोलॉजी सेंटर के चिकित्सक एवं शहर के प्रसिद्ध मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रभात मिश्रा ने शनिवार की शाम लैप्रोस्कोपिक पाइलोप्लास्टी विधि से सर्जरी कर उपज यूपीजे ओब्सट्रक्शन बीमारी से ग्रसित मरीज का सफल ऑपरेशन कर इतिहास रचा है।क्योंकि उनके द्वारा इस विधि से यह ऑपरेशन औरंगाबाद जिले का पहला ऑपरेशन है।

डॉक्टर प्रभात ने बताया कि मदनपुर के सैलवा गांव की एक 25 वर्षीय महिला इस तरह के रोग की समस्या से ग्रसित थी और कई जगह चिकित्सक को दिखाकर थक गई थी।लेकिन उसका ऑपरेशन औरंगाबाद में ही कम खर्च में उक्त विधि से कर उसे जीवनदान दिया गया।उन्होंने बताया कि ऐसे मरीज जो इस ऑपरेशन के लिए रांची, पटना, दिल्ली या बनारस जाकर लाखो रुपए खर्च करते है उन्हे कम खर्च में ही अपने जिले में ही ऐसी सुविधा मिल गई। डॉक्टर प्रभात के द्वारा इस विधि से ऑपरेशन कर मरीज की जान बचाने की हर तरफ प्रशंसा की जा रही है।

डॉक्टर प्रभात ने बताया कि एक लैप्रोस्कोपिक पाइलोप्लास्टी संकीर्णता या घाव की पुनर्निर्माण सर्जरी करने का एक तरीका है जो मूत्रवाहिनी की रुकावट या संकुचन को ठीक करने के लिए किया जाता है। इस असामान्यता को यूरेटेरोपेल्विक जंक्शन (यूपीजे) रुकावट कहा जाता है जिसके परिणामस्वरूप गुर्दे से मूत्र की खराब और धीमी निकासी होती है। यूपीजे रुकावट संभावित रूप से पेट और पेट में दर्द, पथरी, संक्रमण, उच्च रक्तचाप और गुर्दे की कार्यप्रणाली में गिरावट का कारण बन सकती है।

जब पारंपरिक ओपन सर्जिकल तकनीक से तुलना की जाती है, तो लेप्रोस्कोपिक पाइलोप्लास्टी के परिणामस्वरूप ऑपरेशन के बाद काफी कम दर्द होता है और मरीज को अस्पताल में कम समय तक रुकना पड़ता है। इसके बाद मरीज अपनी काम और दैनिक गतिविधियों पर जल्दी लौट जाता है। इसके अधिक अनुकूल कॉस्मेटिक परिणाम मिलते हैं और परिणाम ओपन प्रक्रिया के समान होते हैं।उन्होंने बताया कि अब इस बीमारी का सफल इलाज औरंगाबाद में संभव हो गया है।

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