औरंगाबाद

फर्जीवाड़ा : अपने भाई की जगह वर्षों से नौकरी कर रहा है एक नगर शिक्षक, डीपीओ ने की जांच,मामला पाया गया सत्य

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को सेवामुक्त करने को लिखा पत्र

औरंगाबाद। जिले के विभिन्न प्रखंडों से लगातार अजीबोगरीब मामले सामने आते रहे है और वे मामले हमेशा चौकाने वाले ही होते है। ऐसा ही एक मामला शिक्षा विभाग से सामने आया है जहां एक शिक्षक पिछले कई वर्षों से अपने छोटे भाई के नाम पर आंखों में धूल झोंक कर नगर परिषद(तत्कालीन नगर पालिका) के एक विद्यालय में वर्षों से कार्यरत है।

मामले का खुलासा तब हुआ जब तत्कालीन नगर पालिका के चेयरमैन रहे रईस आजम खान उर्फ छोटन खान ने जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी से इस मामले में ऑनलाइन शिकायत की और उक्त शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी मंजू प्रसाद ने 31 जुलाई को पूरे मामले की सुनवाई करते हुए अपने कार्यालय से उक्त शिक्षक का वेतन स्थगित करने का आदेश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया और इसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

लेकिन जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के जांच के आदेश के बाद भी उक्त शिक्षक विद्यालय में कार्यरत है और उसपर कोई कारवाई नही हुई। गौरतलब है कि नगर परिषद(तत्कालीन नगरपालिका) के पूर्व अध्यक्ष रहे पठान टोली निवासी रईस आजम खान उर्फ छोटन खान के द्वारा जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को एक ऑनलाइन आवेदन देकर यह बताया कि पठान टोली के चुपशाह मजार निवासी शाहनवाज आलम पिता खुर्शीद अहमद जिनका मूल नाम इरशाद आलम है उसे छुपा कर अपने छोटे भाई शाहनवाज आलम के शैक्षिक कागजात पर अवैध रूप से राजकीय प्राथमिक विद्यालय मुर्गी बीघा वार्ड नंबर 1 में नगर शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे हैं।

इस संबंध में जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को सूचना दी। जिसके आलोक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना के द्वारा इसकी जांच की गई और कार्यपालक पदाधिकारी सह सचिव नगर परिषद को एक पत्र लिखकर यह जानकारी दी गई कि जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के आदेश के आलोक में संबंधित विद्यालय में जाकर मोहम्मद आलम से पूछताछ की गई।

जिस पर मोहम्मद आलम द्वारा सूचित किया गया कि वे तीन भाई क्रमशः नौशाद आलम, शमशाद आलम, मोहम्मद शाहनवाज आलम सभी पिता खुर्शीद आलम है। जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी औरंगाबाद के परिवाद अनन्य संख्या 4341127643 दिनांक 29/5/2023 अंतर्गत आम निर्वाचन नियमावली 2022 उपलब्ध कराई गई है। जिससे स्पष्ट है कि खुर्शीद आलम के चार पुत्र क्रमशः नौशाद आलम, इरशाद आलम, शमशाद आलम एवं मोहम्मद शाहनवाज आलम है।

संबंधित शिक्षक द्वारा अधोहस्तक्षरी को जांच के क्रम में सोची समझी साजिश के तहत गलत सूचना दी गई। ऐसी स्थिति में उपरोक्त तथ्यों के आलोक में विधि संवत कार्रवाई करते हुए श्री आलम को सेवा मुक्त किया जाए।इधर जब इस संबंध में उक्त शिक्षक से उनके विद्यालय में जाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने खुद को इरशाद आलम न बताते हुए मो. शाहनवाज आलम ही बताया और पूरे मामले से अपनी अनभिज्ञता जताई।उन्होंने कहा कि उन्हें विभाग से ऐसा कोई भी नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।

इधर इस संबंध में पूर्व चेयरमैन रईस आजम उर्फ छोटन खान ने बताया कि वर्ष 2007 में मो. इरशाद आलम के छोटे भाई मो. शाहनवाज आलम की नौकरी मौलवी फोकानिया का जाली सर्टिफिकेट लगाकर गलत तरीके से ले ली गई थी।लेकिन उसी आधार पर इरशाद ने खुद को मो. शाहनवाज बताकर नौकरी ज्वाइन कर लिया और तबसे आज तक गलत तरीके से नौकरी कर रहा है।

पूर्व चेयरमैन ने बताया कि मो.शाहनवाज पटना में एक एजेंसी चला रहा है और यहां उसके नाम पर इरशाद शाहनवाज बनकर कम कर रहा है।उन्होंने बताया कि यह सर्व विदित है कि एक बाप के दो बेटों का एक नाम नही हो सकता। लेकिन यहां एक ही घर में एक नाम के दो बेटे बनकर फर्जीवाड़ा कर नौकरी किया जा रहा है।

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