औरंगाबाद

औरंगाबाद में कुदरत का यह कैसा खेल एक तरफ दूल्हे की मां तो दूसरी तरफ दुल्हन के बहनोई की हुई मौत

औरंगाबाद। विधाता भी धरती पर कैसा कैसा खेल दिखाता है जिसके आगे सभी विवश हो उसके प्रकोप को झेलने को मजबूर हो जाते हैं। औरंगाबाद में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां एक तरफ घर में दामाद के उतारने की तैयारी की जा रही थी वहीं दूसरी तरफ उसी घर के दूसरे दामाद की अर्थी सजाई जा रही थी।यानी कि एक बेटी सुहागन बन रही थी तो दूसरी की सिंदूर पोछी जा रही थी।इतना ही नही जिस दामाद की अगवानी की जा रही थी वही दामाद अपनी मां की चिता को छोड़कर शादी के बंधन में बंधने को मजबूर था।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार ओबरा के मस्तलीचक से एक बारात मदनपुर के डोमन बिगहा के नेपाली यादव के घर जाने वाली थी। अभी जहां मस्तलीचक में बेटे की बारात विदा करने की खुशी से आह्लादित मा बैंक से पैसा निकालने गयी थी और वापसी के क्रम में गांव के ही मोड़ के समीप बाइक से गिरकर उसकी मौत हो गई। उसी वक्त डोमन बीघा में कन्या पक्ष के घर में मड़वा में लाइट सजा रहे दुल्हन के बहनोई की भी मौत करंट की चपेट में आने से हो गई।

 

 

इस तरह जहां दोनों घरों में जहां मांगलिक धुन बज रहे थे वही मातमी सन्नाटा पसर गया और रोने चीखने की आवाज पूरे गांव में गूंजने लगी। हालांकि ग्रामीणों की पहल से शादी को गांव के मंदिर में ही संपन्न कराया गया। रविवार को दोनों घर एक के मृतकों का अंतिम संस्कार कराया गया

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