औरंगाबाद

तीन दिवसीय राज्यस्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी “इंडिया रिच कलचरल हेरिटेज” की 24 से होगी शुरुआत

औरंगाबाद। तीन दिवसीय राज्य स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी “इंडिया रिच कल्चरल हेरिटेज” का आयोजन जीपीओ पटना के प्रांगण में किया जाएगा जिसमें औरंगाबाद जिले के बच्चे अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करेंगे। जानकारी देते हुए औरंगाबाद डाक अधीक्षक बी के पंडित ने बताया कि डाक परिमंडल के द्वारा पटना जीपीओ के प्रांगण में गुरुवार 24 फरवरी से 26 फरवरी तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनी का उद्घाटन महामहिम राज्यपाल श्री फागू चौहान के कर कमलों द्वारा किया जायेगा। बिहार डाक परिमंडल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल अदनान अहमद के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में इस प्रदर्शनी को ऑनलाइन तरीके से किया जा रहा है।

डिजिपेक्स 2022 में बिहार के सभी जिले के छात्र छात्राएं, युवा – वर्ग इस प्रदर्शनी में भाग ले रहे है। साथ ही साथ बिहार के कई जिले के डाक टिकट संग्राहक (फिलाटेलिस्ट) भी हिस्सा ले रहे हैं। जिनके डाक टिकटों के संग्रह को प्रदर्शनी में लगाया जाएगा। इस डाक प्रदर्शनी को सफल बनाने के लिए कई कमिटी का गठन भी किया गया है। बताते चलें कि इसी क्रम में यूथ प्रमोशन कमिटी का भी गठन किया गया है, जिस कमिटी की जिम्मेदारी बेगूसराय एवं खगड़िया जिला में श्री उत्तम कुमार सिंह, डाक अधीक्षक, बेगूसराय को दिया गया है।इस संबंध में डाक अधीक्षक श्री पंडित ने बताया कि इस प्रदर्शनी का थीम “इंडिया रिच कल्चरल हेरिटेज” रखा गया है।

जिस श्रृंखला के दौरान “डीजिपेक्स 2022 बोट” परिचालन का निर्णय लिया गया है। इसमें एक बोट जिस पर डिजिपेक्स का झंडा भी लगा होगा। इसके लिए एक बोट सिमरिया घाट में चलायी जाएगी तथा छात्र छात्राओ एवं स्थानीय नागरिकों को उपरोक्त विषय आधारित जागरूकता एवं जानकारी प्रदान करेगी। ताकि गंगा नदी के किनारे बसे लोगों को जनचेतना से जोड़ा जा सके। पत्र लेखन प्रतियोगिता में बिहार में कुल 6530 तथा स्टाम्प डिजाईन प्रतियोगिता में कुल 3361 बच्चों ने भाग लिया है। इनमें औरंगाबाद जिले के बच्चे भी बढ़ चढ़कर भाग लिए हैं।

 

इन प्रतिभागितों में बेहतरीन स्टाम्प डिजाईन को पटना जीपीओ के प्रांगण में 24 फरबरी से 26 फरबरी 2022 तक चलने वाली डाक टिकट प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जाएगा, साथ ही साथ तीन सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी को परिमंडलीय स्तर पर सम्मानित किया जायेगा।इस प्रदर्शनी के माध्यम से छात्र-छात्राएं एवं अन्य लोग सामान्य ज्ञान, ऐतिहासिक, आध्यातिम्क, सांस्कृतिक इत्यादी की जानकारी अपने ज्ञान रूपी झरोंखों में संजो सकते है।डाक टिकट संग्रह न केवल ज्ञान का स्रोत है अपितु आय सृजन का भी स्रोत है।

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