औरंगाबाद

सरकार के खिलाफ शिक्षकों का शंखनाद, विभिन्न मांगों को लेकर किया प्रदर्शन, घेरा समाहरणालय

औरंगाबाद। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पु के आह्वान पर जिला उपाध्यक्ष छठु सिंह के नेतृत्व में बिभिन्न मांगों को लेकर आज औरंगाबाद जिले के शिक्षकों द्वारा जिला मुख्यालय प्रदर्शन किया।

 

भारी संख्या में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए हुए शिक्षक स्थानीय गेट स्कूल के मैदान में उपस्थित हुए और प्रदर्शन स्थानीय गेट स्कूल के मैदान से निकलकर पुरानी जीटी रोड होते हुए जिला समाहरणालय के समक्ष धरना में तब्दील हो गई प्रदर्शन के दौरान शिक्षक सरकार विरोधी नारा लगा रहे थे।

संघ के प्रदेश सचिव धनंजय सिंह जिला उपाध्यक्ष छठु सिंह, संतोष सिंह उदय कुमार अमरेश कुमार यादव रणविजय कुमार जिला मीडिया प्रभारी अशोक पांडे एवं जिला प्रवक्ता डॉ चंद्रदीप राम एवं कार्यालय सचिव सुबोध सुमन ने संयुक्त रूप से कहा की राज्य सरकार की शिक्षा एवं शिक्षक विरोधी नीति से शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है शिक्षकों को सड़क पर उतरने को विवश होना पर रहा है।उ सुबे के चार लाख नियोजित प्रारंभिक, माध्यमिक ,उच्चतर माध्यमिक शिक्षक एवं पुस्तकालय अध्यक्ष विभाग के उपेक्षित रवैए के कारण आर्थिक मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना का शिकार बन रहे हैं।

 

ससमय वेतन नहीं देना तथा प्रोन्नति का लाभ से वंचित रखना सरकार व विभाग की दोहरी चरित्र को उजागर कर रहा है |
किसी भी सरकारी कर्मी का जीवन यापन पेंशन पर आधारित होता है परंतु सेवानिवृत्ति के उपरांत राज्य केशिक्षक- कर्मचारी खाली हाथ बुढ़ापे का जिंदगी जीने को विवश है।

संघ के नेताओ ने कहा कि राजस्थान सरकार ने पुरानी पेंशन लागू कर दिया है कई राज्यों में इसे लागू करने की प्रक्रिया चल रही है परंतु बिहार सरकार चुपचाप बैठी है

कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों को विगत 20 माह से वेतन नहीं दिया जाना आर्थिक प्रताड़ना है दूसरी तरफ सभी शिक्षकों को भी तीन माह से वेतन भुगतान नहीं दे कर तंगी से जुड़ने को विवश कर डाला है|

नवप्रशिक्षित शिक्षकों के अंतर वेतन का बकाया भुगतान करने वेसिक ग्रेड के शिक्षकों को 8 वर्ष सेवा होने पर स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति तथा 12 वर्ष सेवा पूर्ण करने वाले को स्नातक वेतन में प्रोन्नति नहीं देना ,अनुकंपा पर आश्रितों को बहाल नहीं करना तथा अनुग्रह राशि नहीं देना, 15% वेतन वृद्धि को लंबित रखना, सेवा पूर्व प्रशिक्षित शिक्षकों को वेतन कम देना शिक्षा विभाग की मनमानी का द्योतक है I

पुरानी पेंशन, प्रोन्नति, नियमित वेतन भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर 8 मार्च 2022 को बिहार विधान सभा का घेराव की जाएगी | जिसमें राज्य के लाखों शिक्षक शिरकत करेंगे | इस हेतु जिले के शत-प्रतिशत शिक्षक अपने हक हुकूक की लड़ाई में पटना पहुंचकर बिहार सरकार को अपनी चट्टानी एकता का एहसास कराने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

 

संघ के नेताओ ने कहा कि शिक्षकों की विभिन्न मांगों की पूर्ति हेतु जिले के हजारों शिक्षक 8 मार्च को पटना पहुंचेंगे। धरना के उपरांत शिक्षकों का एक शिष्टमंडल वरीय उपरसमाहर्ता आशीष कुमार सिन्हा को अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा। शिष्टमंडल में प्रदेश सचिव धनंजय सिंह जिला मीडिया प्रभारी अशोक पांडे एवं जिला उपाध्यक्ष अमरेश कुमार थे। साथ ही उसके उपरांत सैकड़ों शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह से भी स्थानीय समस्याओं को लेकर मुलाकात किया

 

उप कोषाध्यक्ष शशि रजक जिला संयोजक आलोक कुमार सिंह जिला सचिव उपेंद्र कुमार सिंह संतोष कुमार सिंह नवीनगर प्रखंड सचिव सुधीर कुमार सिंह प्रमेन्द्र कुमार सिंह धीरेंद्र कुमार सिंह उमाशंकर सिंह शैलेंद्र कुमार सिंह कुटुंबा प्रखंड अध्यक्ष संजय कुमार सिंह राज्य प्रतिनिधि विकास कुमार विश्वास संतोष कुमार सिंह देव प्रखंड सचिव संजय पांडे ओबरा प्रखंड अध्यक्ष राकेश कुमार सचिव प्रभात कुमार दाउदनगर प्रखंड अध्यक्ष शैलेश कुमार सचिव आलोक कुमार सिन्हा सच्चिदानंद कुमार सिंह संतोष कुमार गोह प्रखंड उपाध्यक्ष रवि नंदन कुमार रफीगंज प्रखंड अध्यक्ष सुनील कुमार रंजन सचिव विजय कुमार श्रवण कुमार सिंह बैद्यनाथ राम कमेंद्र कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में शिक्षक उपस्थित थे।

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