औरंगाबाद

यूक्रेन में फंसे औरंगाबाद के 18 मेडिकल छात्रों में से 8 पहुंचे घर बाकी अन्य है रास्ते में

औरंगाबाद। रूस यूक्रेन के युद्ध का गुरुवार को आठवां दिन है। यूक्रेन में अभी भी आधिपत्य को लेकर जंग कायम है। औरंगाबाद से यूक्रेन में पढ़ने गया 18 छात्र यूक्रेन की सीमा से सकुशल निकलकर रोमानिया,पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया खारकीव के पिस्थोंन सिटी में भारतीय फ्लाइट के इंतजार में है।

 

इन 18 छात्रों में से 8 छात्र अपने बिहार की धरती पर आ चुके हैं।जिनमें 5 छात्र औरंगाबाद अपने घर पहुंच चुके हैं। सभी छात्रों को सकुशल घर आने पर परिजनों में खुशी का ठिकाना नहीं है और सभी केंद्र सरकार एवं बिहार सरकार के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिपरा जयपुर के प्रकाश कुमार रोमानिया बॉर्डर पार कर चुके हैं। बाबूगंज रफीगंज के कुमार शुभम हंगरी से आगे एटो पोस्ट राजदुत के संपर्क में है।पंडित बिगहा सोन नगर के संदीप कुमार रोमानिया में है। भरौंधा रिसियप के शुभम कुमार स्लोवाकिया में है। वार्ड नंबर 1 दाउदनगर के आलोक राज 2 मार्च को ही घर पहुंच चुके हैं।झगन बिगहा गोंह के राहुल कुमार तथा काजल कुमारी दोनों हो भाई बहन हैं और वे पिस्थोन सिटी में, खारकीव से निकलकर कौन सी टीम है यह दोनों

 

वही क्लब रोड के मोहम्मद अहसान बिहार आ गए हैं ताराडीह मदनपुर के नयन निखिल बिहार आ गए हैं। मदनपुर के अभय कुमार सैनिक बिहार आ गए हैं। ब्लॉक कॉलोनी औरंगाबाद के प्रकाश आर्य रुमनिया में है। कृष्णापुरी यमुनानगर के राज रवि रंजन 15 दिन पहले ही घर आ चुके हैं। जयप्रकाश नगर तेलिया पोखर के कुमार रवि बिहार आ गए हैं। अब्दुलपुर रफीगंज के श्रीवास्तव शिवम कुमार रफीगंज आ चुके हैं।

खुदवां के वेंकटेश कुमार बिहार आ चुके हैं।दानी बिगहा के राणा अनिमेष औरंगाबाद आ चुके हैं।देव रोड अंबा के अमन कुमार पोलैंड आ चुके हैं। वहीं नौगढ़ के कुमार हर्ष हंगरी में भारतीय फ्लाइट के इंतजार में है

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