औरंगाबाद

बारुण के शशिकांत मौत मामले में 14 दिन बाद तक भी दर्ज नही हुई प्राथमिकी,हत्या की प्राथमिकी के लिए पत्नी लगा रही गुहार

औरंगाबाद। बुधवार को हसपुरा में पचरुखिया चौक पर शव रखकर आक्रोशितों ने सड़क जाम कर दिया था और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। क्योंकि हसपुरा थाना द्वारा एक सड़क हादसे में घायल हुए युवक की मौत के बाद प्राथमिकी दर्ज कराने गए परिजनों की प्राथमिकी थानाध्यक्ष द्वारा दर्ज नहीं की गई थी। इसी तरह का एक और मामला बारुण से आ रहा है जहां झूमर डिहरा निवासी यमुना पांडेय की बहू प्रियंका कुमारी ने अपने पति के हत्यारों को बचाने और उसकी प्राथमिकी दर्ज न करने की शिकायत गुरुवार को एसपी से की है।

एसपी को दिए आवेदन में प्रियंका ने बताया है कि उनके पति 17 फरवरी की शाम को मोटरसाइकिल से बारुण के लिए निकले हुए थे। देर रात तक जब वे वापस नहीं आए तो परिवार के लोगों ने खोजबीन शुरू की। इसी दौरान 18 फरवरी को सुबह दीपक दुबे के मोबाइल से ग्रामीणों को जानकारी मिली कि उनका शव एवं मोटरसाइकिल मोहनगंज में कुंवर सिंह के घर के पास पड़ा हुआ है। यह जानकारी मिलते ही परिवार के सभी सदस्य बेसुध हो गए। किसी तरह से जब पति के शव का पोस्टमार्टम करा कर लाया गया तो पाया गया कि उनके नाक पर कटे का निशान एवं मुंह से उल्टा हुआ है।घटना के बाद जब मानसिक स्थिति ठीक हुई तो पति की हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने के लिए गई तो थनाध्यक्ष बारुण द्वारा अभी तक उसकी प्राथमिकी दर्ज नही की गई है।

 

गौरतलब है कि शशिकांत पांडे के शव मिलने के बाद उनकी पत्नी प्रियंका कुमारी द्वारा 18 फरवरी को बारुण थाना में एक आवेदन देकर अपने पति की हत्या का आरोप लगाते हुए 6 लोगों को आरोपी बनाया गया था और हत्या के कारणों को स्पष्ट उल्लेख किया गया था। उनके द्वारा दिए गए आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया था की नामजद एक आरोपी के द्वारा होली के पूर्व जान मारने की धमकी भी दी गई थी और एक अन्य आरोपी के द्वारा उनके पति से अपनी बेटी की शादी के लिए कर्ज भी लिया गया था।परंतु कर्ज देने  की बात बुलाकर उसका चुकता नहीं किया गया बल्कि उनके पति की हत्या कर दी गई।

 

प्रियंका ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उपाधीक्षक को एक आवेदन देते हुए अपने मृतक पति के हत्यारों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने की गुहार लगाते हुए बारूण थानाध्यक्ष पर अपराधियों को बचाने की आरोप लगाया है।एसपी एवं एसडीपीओ को आवेदन देने के बाद प्रियंका ने मीडिया को बताया कि हत्या के बाद आज तक न तो थानाध्यक्ष द्वारा और न ही पुलिस के वरीय अधिकारियों के द्वारा परिजनों को कोई बयान नही लिया गया और वह अपने पति के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए प्राथमिकी दर्ज कराने की गुहार लगा रही है।प्रियंका ने बताया कि पुलिस के द्वारा आरोपियों को बचाने के लिए इस मामले में यूडी केस दर्ज किया गया है।लेकिन इस माम्सले में पुलिस ने परिवार के किसी सदस्य का बयान नही लिया जो उनकी कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा करती है।प्रियंका ने बताया कि जिस दीपक दुबे के मोबाइल से शव के मोहनगंज होने की जानकारी प्राप्त हुई उसे इसकी जानकारी कैसे मिली यह सवाल के घेरे में है।ऐसे में उसने बताया कि इस मामले में एसपी एवं एसडीपीओ ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

 

इधर पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले को लेकर थाने में मृतक के चचेरे भाई के बयान पर एक यूडी केस(3/22) 18 फरवरी को ही दर्ज की गई है जिसमे मृतक के भाई ने यह बताया है कि मृतक अपने घर से भभुआ ससुराल के लिए निकला था।मृतक के भाई के द्वारा दिये गए फर्द बयान में रजनीकांत दुबे और आशुतोष कुमार गवाह भी बने है और मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होना बताया गया है।फिलहाल अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि शशिकांत की मौत हत्या है,आत्महत्या है या फिर हादसा।

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