औरंगाबाद

महाबोधि एक्सप्रेस से यात्रा, सुविधा के लिहाज से कितना खरा

राकेश कुमार(लेखक-लोकराज के लोकनायक)

इतवारी खास। मगध की धरती से देश की राजधानी नई दिल्ली तक सीधी पहुँच के लिए गया से एकमात्र दैनिक रेलगाड़ी महाबोधि एक्सप्रेस खुलती है।महाबोधि एक्सप्रेस का शुभारंभ तकरीबन दो दशक पहले हुआ था। तब से आजतक यह रेलगाड़ी गया, गुरारू, रफीगंज और अनुग्रह नारायण रोड़ स्टेशन पर से मगध की धरती के यात्रियों को दिल्ली तक का यात्रा सुगम कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।गया से दिल्ली तक की यात्रा में महाबोधि एक्सप्रेस का समय मगध की धरती के सारे स्टेशन पर यात्रियों की नज़र में बिल्कुल सटीक और सुविधाजनक है क्योंकि पूर्वाह्न तक काम-धंधे निपटाकर अपराह्न में रेलगाड़ी पकड़ना आसान होता है।

 

दिल्ली से गया तक की यात्रा में महाबोधि एक्सप्रेस का फिलहाल का समय यात्रियों के दृष्टिकोण से युक्तिसंगत नहीं है। एक यात्री आलोक का कहना है कि नई दिल्ली स्टेशन से महाबोधि अपराह्न 12 बजकर 10 मिनट पर खुलती है और अनुग्रह नारायण रोड़ स्टेशन पर पूर्वाह्न 1 बजकर 32 मिनट पर, रफीगंज स्टेशन पर पूर्वाह्न 1 बजकर 57 मिनट और गुरारू पूर्वाह्न 2 बजकर 11 मिनट पर पहुँचती है। मध्य रात्रि के पहर में स्टेशन उतरने के बाद औरंगाबाद शहर तक तो यात्रियों को यातायात की सुविधा थोड़ी महँगी दरों पर मिल जाती है किन्तु सुदूर देहात जाने वाले यात्रियों को स्टेशन पर ही रात गुजरना पड़ता है।

 

इसके पीछे दो वजहें हैं। एक, सुदूर देहात क्षेत्रों के लिए सुबह होने के बाद ही साधन मिल पाते हैं। दूसरा, नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने की वजह से भी लोग इन स्टेशनों पर मजबूरी में रात गुजारते हैं। इससे यात्रियों को समय हानि होने के साथ-साथ असुरक्षा का भी भय सताता है।चूंकि महाबोधि एक्सप्रेस का गंतव्य दिल्ली से गया तक होने की वजह से मगध के लोगों को कंफर्म टिकट मिलना आसान होता है। साथ ही, इस ट्रेन में टिकट कंफर्म होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। दिल्ली से मगध की धरती के सारे स्टेशन पर महाबोधि एक्सप्रेस का असुविधाजनक समय पर पहुँचने की स्थिति में उधर से लौटती ट्रेन में टिकट खरीदने से पहले यात्री मानसिक ऊहा-पोह के दौर से गुजरने को मजबूर होते हैं जिससे रेल मंत्रालय को महाबोधि एक्सप्रेस से राजस्व नुकसान की भी संभावना भविष्य बन सकती है।

 

अगर रेल मंत्रालय द्वारा इस ओर ध्यान दिया जाता और महाबोधि एक्सप्रेस की पहले वाली समय-सारणी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गया के लिए निर्धारित की जाती तो यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ राजस्व बढ़ोत्तरी की भी संभावना रहती। गौरतलब है कि पहले महाबोधि एक्सप्रेस सायं 4 बजे नई दिल्ली स्टेशन से गया के लिए खुलती थी। बाद में इस समय में परिवर्तन किया गया और ट्रेन 2 बजकर 10 मिनट पर खुलने लगी किन्तु इधर, कुछ सालों से अपराह्न 12 बजकर 10 मिनट पर खुलने लगी है, जो यात्रियों के लिए असुविधा का कारण बनी है।

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