औरंगाबाद

छह साल में आया देव के उप प्रमुख व मुखिया प्रत्याशी रहे पड़रिया निवासी मनोज सिंह हत्या मामले का फैसला, अभियुक्त को मिली आजीवन कारावास की सजा

औरंगाबाद। व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के एडीजे 11 अनिन्दिता सिंह की अदालत ने देव थाना कांड संख्या 29/16 में सज़ा के बिन्दु पर सुनवाई करते हुए इस कांड में एकमात्र काराधीन कैदी सुरेन्द्र यादव को सश्रम आजीवन कारावास का सज़ा सुनाई है। एपीपी ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि कल काराधीन अभियुक्त सुरेन्द्र यादव को उक्त हत्याकांड में दोषी करार दिया गया था और एक अन्य अभियुक्त देव के गंजोई निवासी नंदलाल भुईयां को साक्ष्य के अभाव में मुक्त किया गया था।

 

आज सज़ा के बिन्दु पर सुनवाई करते हुए विद्वान न्यायाधीश अनिंदिता सिंह ने सुरेंद्र यादव को धारा 302 में आजीवन सश्रम कारावास तथा पचास हजार जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दस माह अतिरिक्त साधारण कारावास, धारा 147 में 2 साल, धारा 148 में 3 साल तथा 27 आर्म्स एक्ट में तीन साल सश्रम कारावास  की सजा सुनाई है। इस मामले में दस हजार जुर्माना न देने पर दो माह की सजा सुनाई गई है।

 

अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि वाद के सूचक मृतक के ससुर पोइवां निवासी राजकुमार सिंह ने 21 मई 2016 को देव थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसमें उन्होंने अभियुक्तों पर आरोप लगाया था कि अभियुक्त ने उनके दामाद पड़रिया निवासी मनोज सिंह जो मुखिया प्रत्याशी के नाते अपने क्षेत्र के सिंधवा गांव में चुनाव प्रचार कर रहे थे। दोपहर का वक्त था अभियुक्त ने अज्ञात अभियुक्तों के साथ मिलकर मनोज सिंह की हत्या कर दी।

 

बताया गया कि सुरेन्द्र यादव ने हथियार से गोली चलाकर घटना स्थल गांव में मार दिया। सूचक ने आरोप लगाया था कि अभियुक्त के पिता भी प्रत्याशी थे। जिसको लेकर अभियुक्तों ने पहले भी कई बार मनोज सिंह को धमकी दिया था।

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