औरंगाबाद

देश के अन्य हिस्सों में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पूर्व जिप अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को लिखा पत्र और इससे बचाव के लिए की आवश्यक कदम उठाने की अपील

औरंगाबाद।वरिष्ठ राजद नेता एवं जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप नारायण सिंह ने देश के अन्य हिस्सों में कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी औरंगाबाद को एक पत्र लिखकर जिले के लोगों को इस वायरस की चपेट में आने से पूर्व सतर्कता बरतने और आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।जिलाधिकारी को लिखे पत्र में श्री सिंह ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि इस वायरस से बचाव को लेकर औरंगाबाद में सतर्कता पर अभिलंब एक समाज के सभी वर्गों के प्रतिनिधियों की आपात बैठक बुलाकर रणनीति तैयार की जाए तथा इससे जुड़े लक्षणों वाले अन्य राज्यों से आने जाने वाले यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए।

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श्री सिंह ने बताया है कि ओमिक्रोन वेरिएंट को लेकर चेतावनी मिल गई है। इसलिए बहुत जरूरी है कि सरकारें, डॉक्टर, हेल्थ केयर वर्कर्स समेत दूसरे जिम्मेदार लोगों को मिलकर इससे बचने की प्लानिंग बना लेनी चाहिए। मसलन वेरिएंट से जूझ रहे देशों से तत्काल प्रभाव से औरंगाबाद आने वाले यात्रियों की आवाजाही बंद कर देनी चाहिए। हमलोगों को फिर से पहले जैसी सावधानियां बरतना शुरू करना होगा।

 

जिलाधिकारी को लिखे पत्र में श्री सिंह ने कहा है कि कोरोना कोरोना केस में कमी होने से देश में लोगों ने फिर शादी, पार्टी और सार्वजनिक जगहों पर बिना मास्क आना जाना शुरू कर दिया है। लेकिन सावधानियां कही नजर नही आ रही है।जब देश के कई हिस्से में इसका प्रकोप दिख रहा है तो हम सभी को कोविड-19 जैसी सावधानियां बरतनी होगी ।अगर 4 से 6 हफ्ते मास्क समेत कोरोना से सम्बंधित सभी नियमों का उचित तरीके से पालन किया जाए तो काफी हद तक इस खतरे को टाला जा सकता है।

 

श्री सिंह ने पत्र में लिखा है कि बूस्टर डोज पर डॉक्टरों की राय है कि वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद बूस्टर डोज की आवश्यकता है। डॉक्टर, फ्रंटलाइन और हेल्थ केयर वर्कर्स को इस साल जनवरी, फरवरी माह में ही दोनों डोज लग चुकी है और संभव है कि आठ नौ माह में उनकी इम्यूनिटी कम हुई होगी। इसलिए सबसे पहले बूस्टर डोज उन्हें दिए जाने चाहिए।

 

श्री सिंह ने इस संबंध डीएम से आग्रह किया है कि डब्ल्यूएचओ ने ओमीक्रोन वायरस को वैरीअंट आफ कंसर्न यानी चिंताजनक कहा है।ऐसे में स्थिति की संभावित गंभीरता को देखते हुए जिले में कड़े फैसले लिए जाए ताकि जनजीवन सुरक्षित रह सके।

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