औरंगाबाद

एमएलसी चुनाव को लेकर मतदान पदाधिकारियों एवं मतगणना पदाधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

औरंगाबाद। बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव की तैयारी औरंगाबाद में अब जोर पकड़ने लगी है। अब सभी अभ्यर्थियों का नाम फाइनल हो जाने से बाद की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। इसी कड़ी में बुधवार को योजना भवन औरंगाबाद में एमएलसी चुनाव में निर्वाचन कार्य में लगाए जाने वाले मतदान तथा मतगणना पदाधिकारियों का प्रथम प्रशिक्षण का आयोजन दो पालियों में किया गया। प्रथम पाली में पीठासीन पदाधिकारी, गस्ती सह मतपेटिका संग्रहण दल, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय मतदान पदाधिकारियों को उनके कार्य एवं दायित्वों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया।

इस अवसर पर जिला निर्वाची पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल ने उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को संबोधित करते हुए बताया कि यह चुनाव दूसरे अन्य चुनाव से भिन्न है। इस चुनाव की मतदान प्रक्रिया में कुछ बाते बदली होती है, जैसे अमिट स्याही का प्रयोग नहीं होना, मतदाता को बैलट पेपर में अपना मत अंकित करने के लिए आयोग द्वारा निर्गत बैगनी रंग के स्केच पेन का ही प्रयोग करना इत्यादि। इस चुनाव में वोटर के रूप में चुने हुए जनप्रतिनिधि होते हैं। सभी पदाधिकारी मतदान प्रक्रिया को भली भाती समझ लें।

 

वहीं प्रशिक्षण कोषांग के नोडल पदाधिकारी सह उप निर्वाचन पदाधिकारी जावेद इकबाल ने बताया कि अगले महीने चार तारीख को जिले के सभी प्रखंडों में प्रखंड मुख्यालय स्थित मतदान केंद्र पर सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा। सभी मतदान पदाधिकारी तीन अप्रैल को जिला स्थित नगर भवन से सभी मतदान सामग्री प्राप्त करेंगे तथा सामग्री का मिला कर लेंगे। उसी दिन अपने अपने कर्मियों के साथ संबंधित मतदान केंद्र पर योगदान कर लेंगे। मतदान वाले दिन ससमय मतदान केंद्र का सेट अप तैयार कर लेंगे। मतदान प्रकोष्ठ इस प्रकार बनाएंगे की मतदान की गोपनीयता भंग न हो। मतदान की समाप्ति के बाद सभी आवश्यक प्रपत्रों के साथ मतपेटिका के साथ जिला स्थित नगर भवन में बने वज्र गृह में जमा किया जाएगा।

प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में मतगणना पदाधिकारियों के प्रशिक्षण के दौरान जावेद इकबाल ने बताया कि इस चुनाव में मतगणना पूरी तरह से अन्य चुनाव से भिन्न होती है। इस चुनाव में वही अभ्यर्थी विजेता होता है को कुल प्राप्त विधिमान्य मतों के आधे से एक अधिक मत प्राप्त कर लेता है अर्थात निर्धारित कोटा प्राप्त कर लेता है। चुकी मतदाता को यह छूट होती है की वह एक से अधिक पसंद के उम्मीदवारों को वरीयता के क्रम में वोट दें। इसलिए हो सकता है की कोटा पूरा करने हेतु द्वितीय प्राथमिकता के आधार पर मतों की गिनती करना पड़े। प्रशिक्षण के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी ने उपस्थित माइक्रो आब्जर्वर तथा मतगणना पदाधिकारियों को मतगणना से संबंधित सभी बारीकियों को विस्तारपूर्वक बताया।

इस अवसर पर मुख्य मास्टर प्रशिक्षक राजकुमार प्रसाद गुप्ता सहित प्रशिक्षण कोषांग के सहयोगी कर्मी सैयद मोहम्मद दायम, कुंदन कुमार ठाकुर, श्रवण कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थें। सभी पदाधिकारियों का द्वितीय प्रशिक्षण 29 मार्च को योजना भवन औरंगाबाद में आयोजित की जायेगी।

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