औरंगाबाद

न्यायालय में गलत दुष्कर्मवाद चलाने वाली युवती पर पोक्सो अदालत ने मुकदमा दर्ज कराने का दिया आदेश

औरंगाबाद। युवतियों के साथ छेड़खानी एवं दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने वाले लोगों को सिविल कोर्ट में अवस्थित पोक्सो कोर्ट पूरे मामले की सुनवाई करते हुए कठोर से कठोर दंड का आदेश देता है। मगर शनिवार को इसी अदालत ने पीड़िता के ऊपर ही गलत दुष्कर्मवाद चलाने के मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।

आज व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के एडीजे छह सह स्पेशल पोक्सो कोर्ट विवेक कुमार की अदालत ने पोक्सो एक्ट एवं दुष्कर्म वाद के एक वाद में पीड़िता के गवाही में अपने पुर्व बयान से पलट जाने पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी औरंगाबाद के न्यायालय में पीड़िता के प्राथमिकी के छायाप्रति, पुलिस में दिये बयान की छायाप्रति, मजिस्ट्रेट कोर्ट में दिये बयान के छायाप्रति अपने कोर्ट से भेजा है ताकि पीड़िता पर झुठा साक्ष्य का मुकदमा दर्ज कराया जा सके।

 

स्पेशल पीपी शिवलाल मेहता ने कहा कि पीड़िता के बयान से पलट जाने पर 28/02/22 को अभियुक्त शिवम् कुमार और अमित कुमार नगर थाना औरंगाबाद को दोषमुक्त किया गया था। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि पीड़िता ने महिला थाना में 01/04/21 को इन दोनों अभियुक्त पर जन्मदिन पार्टी के नाम पर ग़लत काम करने और मोबाइल से वीडियो बनाने का आरोप लगाया था।

पीड़िता ने प्राथमिकी, 161 और 164 के बयान में घटना की पुष्टी की थी। ऐसी स्थिति में बयान बदल जाने के कारण उस पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश जारी किया गया है क्योंकि गवाही में मुकरने पर पोक्सो एक्ट में प्राथमिकी का प्रावधान है।

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