औरंगाबाद

जिले की साहित्यिक संस्था साहित्य संवाद ने महादेवी वर्मा की मनाई जयंती

औरंगाबाद। जिला मुख्यालय स्थित महाराणा प्रताप नगर मोहल्ले में प्रसिद्ध ज्योतिर्विद शिव नारायण सिंह के आवास पर जनेश्वर विकास केंद्र की आनुषंगिक इकाई साहित्य संवाद के तत्वावधान में आधुनिक हिंदी काव्य की छायावादी धारा की प्रतिनिधि कवयित्री महादेवी वर्मा जी की 115 वी जयंती समारोह धूमधाम से मनाई गई। सर्वप्रथम उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया गया।तत्पश्चात, उनके जीवनी और साहित्य पर प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्य संवाद के अध्यक्ष शिव नारायण सिंह ने किया। जबकि, संचालन सचिव सुरेश विद्यार्थी ने किया। जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विजय कुमार सिंह ने महादेवी जी के जीवन से जुड़े विभिन्न साहित्यिक पहलुओं की चर्चा की। उन्हें नारी सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण बताया। उनके काव्य में निहित गेयता, उदात्तता की व्याख्या की।

 

महाराणा प्रताप सेवा संस्थान के पूर्व सचिव अनिल कुमार सिंह ने कहा कि महादेवी जी की रचनाए सजीवता का बोध कराती है। उनके संस्मरण साहित्य वोधगम्य एवं आत्मिक उत्सर्जिता का परिचायक है।पूर्व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कमलेश सिंह, अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक अर्जुन सिंह, कपिल देव सिंह, समाजसेवी लालदेव सिंह ने महादेवी जी के जीवन साहित्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने विरह वेदना से परिपूर्ण काव्यों की रचना की।

उनके जीवन से हमें अपने जीवन में संघर्ष पूर्ण वातावरण के बावजूद भी किस तरह से प्रगति के मार्ग पर चलना है यह उनका साहित्य हमें इंगित करता है।महादेवी जी ने साहित्य को लिखा ही नहीं बल्कि साहित्यिक जीवन को जिया भी। अध्यक्षीय उद्बोधन में शिव नारायण सिंह ने कहा कि निरजा,सांध्यगीत,दीपशिखा जैसे काव्य उनकी कालजई कृति है जो हिंदी साहित्य के मानक ग्रंथ माने जाते हैं।उषासिंह द्वारा जयंती समारोह में आगत अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

इसे भी पढ़ें

Back to top button

You cannot copy content of this page