औरंगाबाद

सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह बने हिंदी साहित्य सम्मेलन के जिलाध्यक्ष, धनंजय जयपुरी को दी गई महासचिव पद की जिम्मेवारी

औरंगाबाद। जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन का पुनर्गठन सत्येंद्र नगर स्थित डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह के आवास पर एक बैठक आयोजित कर किया गया जिसकी अध्यक्षता डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह तथा संचालन प्रेमेंद्र मिश्र ने किया। दिवंगत संरक्षक प्रमुख डॉ रामाशीष सिंह और महामंत्री मिथिलेश मधुकर के निधन तथा सम्मेलन के कार्यकाल पूरा हो जाने की वजह से नयी कार्यकारिणी के गठन की आवश्यकता महसूस की गयी।

नवगठित संस्था में अध्यक्ष पद की जिम्मेवारी डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह को तथा उपाध्यक्ष पद की डॉ सुरेन्द्र प्रसाद मिश्र एवं डॉ महेन्द्र पाण्डेय को दी गयी। महासचिव के पद पर कवि धनंजय जयपुरी का चयन सर्वसम्मति से किया गया। संस्था में संयुक्त सचिव नागेन्द्र केशरी,चन्दन कुमार और उज्ज्वल रंजन को बनाया गया। संगठन सचिव के रूप में क्रमशः चन्द्रशेखर प्रसाद साहु, डॉ हेरम्ब कुमार मिश्र और पुरुषोत्तम पाठक मनोनीत किये गये।

कोषाध्यक्ष एवं सह कोषाध्यक्ष के रूप में क्रमशः बैजनाथ सिंह एवं लालदेव प्रसाद को जिम्मेवारी दी गई। प्रचार प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार सिंह और अनुज बेचैन तथा मीडिया का प्रभार सुरेश विद्यार्थी को दिया गया। स्वागत मंत्री के रूप में अनिल कुमार सिंह को समर्थन मिला। कार्यकारणी सदस्य में जनार्दन मिश्र जलज, हिमांशु चक्रपाणि,विनय मामूली बुद्धि को शामिल किया गया है। साहित्य मंत्री सुषमा सिंह और आरती कुमारी को बनाया गया है।

संरक्षक मंडल में अशोक कुमार सिंह, भैरवनाथ पाठक, डॉ वेद प्रकाश चतुर्वेदी, डॉ चन्द्रशेखर पाण्डेय, डॉ हनुमान राम, एस पी कांतेश मिश्रा, डॉ चन्द्रशेखर प्रसाद, डॉ शिवपूजन सिंह, डॉ रामाधार सिंह, डॉ कुमार वीरेन्द्र, डॉ सारंगधर सिंह, शिवनारायण सिंह, शम्भुनाथ पाण्डेय और रामकिशोर सिंह को शामिल किया गया है।परामर्शदात्री समिति प्रेमेन्द्र मिश्र,डॉ विजय कुमार सिंह,डा ऋत्विक, संतोष कुमार मिश्र, कालिका सिंह को शामिल किया गया।

 

बैठक में शब्द के चितेरे भाग 4 के प्रकाशन में द्रुतगति से तैयारी करने पर विचार किया गया। इस संस्था के माध्यम से नवोदित रचनाकारों की पुस्तकों के प्रकाशन करने पर भी विचार किया गया। समय-समय पर साहित्यिक कार्यक्रम, चर्चा-परिचर्चा आदि आयोजित करने पर विचार किया गया। संस्था को सशक्त और व्यापक बनाने के लिए सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को जागरूक होने के लिए भी कहा गया।

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