औरंगाबाद

डिजिटल परिवर्तन पर एक अनुभवजन्य विश्लेषण करेंगी रश्मि सिन्हा

गया। बिहार के गया जिले में खुदरा विक्रेताओं के माध्यम से रोजाना इस्तेमाल की जाने वाली सामग्रियों को डिजिटल तकनीक के माध्यम से घर बैठे सभी ग्राहकों को आसानी से उपलब्ध हो सके इस क्षेत्र से संबंधित शोध गया के घुघरी टांड़ वार्ड नंबर- 45 के अंतर्गत साईं मंदिर निकट निवासी रिसर्च स्कॉलर रश्मि सिन्हा करेंगी। इस शोध के तहत रश्मि सिन्हा उन खुदरा विक्रेताओ के उत्थान तथा उनके व्यापार करने के प्रवृत्ति में तकनीकी परिवर्तन से संबंधित अनुभवजन्य विश्लेषण करेंगी।

उन्होंने मगध विश्वविद्यालय बोधगया द्वारा आयोजित पीएचडी कोर्स वर्क की परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद एक सिनॉप्सिस मगध विश्वविद्यालय बोधगया के कॉमर्स विभाग में जमा किया है , उनका शोध का विषय गया जिले के परिवेश में खुदरा क्षेत्र पर तकनीकी परिवर्तन का क्या प्रभाव हैं उस पर अनुभवजन्य विश्लेषण है। मगध विश्वविद्यालय से सम्बंधित नवादा जिले के हिसुआ स्थित त्रिवेणी सत्यभामा कॉलेज के कॉमर्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉक्टर जगत प्रसाद सिंह के सानिध्य में रश्मि सिन्हा अपना शोध कार्य पूर्ण करेंगी।

गया के घुघरी टांड़ निवासी श्री सतीश कुमार चंद्र के प्रथम पुत्र श्री सुजीत कुमार सिन्हा (अभियंता) की पत्नी रश्मि सिन्हा ने अपनी कॉमर्स की पढ़ाई पटना विश्वविद्यालय के मगध महिला कॉलेज से की है। उन्होंने इस संदर्भ में बताया कि अध्ययन के माध्यम से गया के उन ब्लॉक के खुदरा विक्रेताओं की स्थिति को रेखांकित करना है जो अभी तक अपनी व्यवसाय करने की प्रवृत्ति में तकनीकी परिवर्तन को विकसित नहीं कर पाए हैं।

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