औरंगाबाद

मजदूर के बेटे ने मैट्रिक बोर्ड में प्राप्त किया 82.6 प्रतिशत, आगे पढ़ना चाहता है, मगर कैसे? यही सोचकर है परेशान

औरंगाबाद। किसी शायर ने सही कहा है कि “कौन कहता है कि कामयाबी किस्मत तय करती है, इरादों में दम हो तो मंजिलें भी झुका देती है” शायर के द्वारा लिखे शेर की दो पंक्तियों को पूरी तरह से चरितार्थ किया है हसपुरा के डिंडीर गांव के एक मजदूर इंदरजीत सिंह के बेटे राकेश कुमार ने। राकेश ने हसपुरा प्रखंड के डिंडीर पंचायत के डिंडीर गांव के देवचंद सिंह हाई स्कूल से इस वर्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मेट्रिक बोर्ड की परीक्षा में 413 अंक प्राप्त कर कामयाबी का झंडा बुलंद किया है।

रहने के लिए है इंदिरा आवास

गरीबो के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई दो कमरों वाली कॉलोनी में अपनी दो बहनों के साथ रहने वाले राकेश की यह सफलता सिर्फ सफलता नही बल्कि बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। क्योंकि बेहद ही अल्प संसाधन के बीच अपने जीवन को बसर करने वाले एक परिवार के इस बच्चे ने अपनी मेहनत और लगन से 82.6 प्रतिशत प्राप्त कर आर्थिक रूप से कमजोर उन बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

ईंट ढोते है पिता

राकेश ने बताया कि वह आगे बहुत पढ़ाई करना चाहता है लेकिन क्या करना चाहता है वह अभी निश्चित नहीं कर पा रहा है क्योंकि पढ़ने के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है और महज डेढ़ बीघा पट्टे की जमीन और मजदूर बाप के पास इतने पैसे नहीं है कि वह अपने इस बच्चे को आगे की शिक्षा दे सके।उसने बताया कि घर गृहस्ती चलाने के लिए उसके पिता ईंट ढोने  और वह अपनी मां के साथ डेढ़ बिगहे के पट्टे पर लिए गए खेत में जी तोड़ मेहनत करता हैं ताकि घर के पांच सदस्यों के पेट की आग बुझ सके।

कठिनाईयों ने किया मजबूत

घर की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में उसकी बड़ी बहन जिसने अर्थ के अभाव के कारण इंटर पढ़कर पढ़ाई छोड़ दी है घर पर ही सिलाई करके कुछ पैसों का उपार्जन करती है। उसने बताया कि खेत मे काम के बाद गांव में ही दो जगह ट्यूशन के पढ़े गए टास्क को पूरा करना ही उज़की दिनचर्या थी।उसके घर मे बिजली नही है तो सोलर लाईट से रात में अपनी पढ़ाई पूरी करता था। जब जब पढ़ाई मे बाधाएं आई वह और मजबूत हुआ।राकेश और पढ़ना चाहता है मगर उसकी चाहत गरीबी के चादर से निकल नही पा रही है।उसने सरकार से अपील की है कि वह उसके जैसे पढ़ने की चाहत रखने वालों का सहारा बने ताकि उनके आगे की पढ़ाई जारी रह सके।

भाजपा नेता ने बढ़ाया हौसला

हसपुरा प्रखंड अंतर्गत डिंडीर ग्राम के निवासी श्री इंद्रजीत सिंह माता सेवंती देवी के पुत्र राकेश कुमार ने बिहार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परीक्षा में 413 अंक लाकर अपने गांव के साथ-साथ इस क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। आज भाजपा के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष कुंदन पांडे ने डिंडीर गांव जाकर उसके परिवारों से मुलाकात की एवं राकेश कुमार को मिठाई खिलाकर अपनी शुभकामना दी।

 

पांडे ने कहा कि बहुत ही गरीब परिवार से आने वाला यह लड़का राकेश कुमार जो विकट परिस्थितियों में आर्थिक लड़ाई से लड़ते हुए मैट्रिक की परीक्षा में सफलता हासिल की इससे सभी बच्चों को अनुसरण करना चाहिए। पांडे ने कहा कि जब जज्बा इरादा मजबूत हो तो कठिन से कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है इसको राकेश कुमार ने सिद्ध कर करके दिखाया है।

 

पांडे ने कहा कि जब तक हमारा समाज शिक्षित नहीं होगा तब तक हमारा राज्य या देश विकास की ऊंचाइयों को नहीं छू नही पायेगा। इस अवसर पर जदयू कार्यकर्ता सत्य प्रकाश कुमार निशांत कुमार, स्नेह कुमार, आनंद कुमार, शिव लखन कुमार आदि मौजूद थे।

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