औरंगाबाद

दिव्यांगता दिवस पर आयोजित किया गया जिला स्तरीय प्रतियोगिता

अभिशाप नहीं है दिव्यांगता : जिलाधिकारी 

इनके हौंसला को देना चाहिए बढ़ावा ताकि वे शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के साथ-साथ मानसिक रूप से बीमार ना हों: सदर एसडीओ

औरंगाबाद। विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर राज्य परियोजना निदेशक, शिक्षा विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन औरंगाबाद के संयुक्त तत्वाधान में जिला स्तरीय कार्यक्रम एवं प्रतियोगिता का आयोजन अनुग्रह इंटर विद्यालय (गेट स्कूल) के प्रांगण में किया गया। इस कार्यक्रम की शुरूआत ज़िलाधिकारी सौरभ जोरवाल, सदर अनुमंडल पदाधिकारी विजयंत एवं ज़िला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। वहीं इस दौरान जिला स्तरीय कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों ने नृत्य एवं दौड़ प्रतियोगिता में भाग लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के जयंती पर दिव्यांग बच्चों के बीच ज़िला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित किया गया है।

 

 

इस प्रतियोगिता का उदेश्य इन बच्चों में छुपी प्रतिभा को बाहर लाना हैं। ताकि वह किसी भी प्रतिस्पर्धा में खुद को कम ना समझें। वहीं इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को एक मंच प्रदान किया गया है ताकि उनकों आगे बढ़ने का मौका मिले। दिव्यांगता अभिशॉप नहीं हैं, कई दिव्यांगों ने अपनी प्रतिभा के दम पर देश व प्रदेश में अपना नाम रोशन किया है। भगवान ने उन्हें स्पेशल बनाकर दिव्य शक्ति दी है जिसके कारण सामान्य लोगों की अपेक्षा दिव्यांगों का हौंसला बुलंद है। सादर एसडीओ ने बताया कि दिव्यांग बच्चों की माता-पिता को इनका विशेष ध्यान रखना चाहिए। हमें उनकी उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।

 

 

इनके हौंसला को बढ़ावा देना चाहिए जिससे वे शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के साथ-साथ मानसिक रूप से बीमार ना हों। इस मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह, डॉ. कार्यक्रम समन्वयक डॉक्टर निरंजय कुमार सहित कई अन्य उपस्थित थे।

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