औरंगाबाद

सिविल इंजीनियरिंग के छात्र छात्राओं का एकदिवसीय इंटर्नशिप आयोजित

औरंगाबाद। सीतयोग इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नालॉजी कैम्पस में सिविल इंजीनियरिंग का एकदिवसीय व्यावहारिक कार्यप्रशिक्षण इंटर्नशिप आयोजित किया। इस सत्र का आरंभ संस्थान के चेयरमैन कुमार योगेंद्र नारायण सिंह और सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में कारीगरी उपकरणों के पूजन और मंगलाचरण के बीच समरोहपूर्वक किया गया।
सिविल इंजीनियरिंग आधारभूत विकास और संरचनाओं से जुड़ा विज्ञान है। सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई में निर्माण और निर्माण से जुड़े विषय मुख्य होते हैं। भवन निर्माण सिविल इंजीनियरिंग का एक महत्चपूर्ण अध्याय होता है। इस सत्र से SIT कैम्पस में प्रयोग,निरीक्षण और निष्कर्ष के स्तर पर देख समझ सीखने का काम किया यहां के सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों ने।

 

सीतयोग इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में बन रहे एक नए शैक्षणिक भवन बाद में शैक्षणिक भवन के बन जाने के बाद तो यहां शिक्षा की लौ जलेगी ही फ़िलहाल इसके निर्माण और कारीगरी से भी शिक्षा दी जा रही है और संस्थान के सिविल इंजीनियरिंग के छात्र इस निर्माण कार्य से अपने विषय का प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं। प्रशिक्षकों ने बताया कि जब कोई विद्यार्थी व्यावहारिक कार्य अनुभव प्राप्त करता है तो इसे ”इंटर्नशिप” कहते हैं। SIT के बीटेक और डिप्लोमा के अंतिम वर्ष के छात्रों ने अपने परिसर में चल रहे भवन निर्माण के काम के साथ जुड़ाव रखकर अपना एकदिवसीय ”इंटर्नशिप” यानि व्यावहारिक कार्यानुभव प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने भवन निर्माण के आरसीसी तकनीक को समझा और देखा,मापन और उपकरणों का संचालन भी किया जिसमे छात्रों के साथ छात्राएं भी भागीदार थीं।

 

प्रशिक्षकों ने बताया कि, एक जमाने में ढलाई का काम कुछ और था जबकि आज और है वह चाहे निर्माण सामग्रियों का मामला हो अथवा निर्माण तकनीकों का या फिर मानव बल के उययोग के मामले में। नमूने के तौर पर आज के दौर में वाइब्रेटर और लिफ्टिंग इंतजाम के तमाम पहलूओं को समझा जा सकता है।सामान्य भाषा में जिसे हम महज ढलाई का काम कहते हैं वही सिविल इंजीनियरिंग का महत्वपूर्ण अध्याय है। चूँकि एक अच्छा सिविल इंजीनियर अपने आप में कारीगर होता है,निर्माता होता है,शिल्पी होता है और तब जाकर वो सिविल इंजीनियरिंग का ज्ञाता हो पाता है।

 

 

सिविल इंजीनियरिंग के इस एक दिवसीय इंटर्नशिप के भागीदार छात्रों में रुपेश कुमार,राजू कुमार, प्रकाश कुमार,प्रिंस गुप्ता, नीतीश कुमार,अमन तिवारी,प्रेम कुमार,संकेत कुमार,अमीश कुमार,प्रियांशु कुमारी,प्रियंका कुमारी,शशिबाला कुमारी,स्नेहा,नेहा, स्वीटी,इशिका थी तो सिविल इंजीनियरिंग के प्रशिक्षक विवेक कुमार,राजू नयन मुख्य थे। इसके अलावा वैभव कुमार सरोज कुमार सिंह,धनंजय कुमार सिंह ने भी छात्रों को प्रशिक्षित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

इसे भी पढ़ें

Back to top button

You cannot copy content of this page