औरंगाबाद

अनुग्रह मध्य विद्यालय से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की हुई शुरुआत, डीएम ने बच्चियों को खिलाई दवा की खुराक

आज हुआ डीवर्मिंग डे, 26 अप्रैल को मैप ऑफ डे का होगा आयोजन

औरंगाबाद। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल एवं सिविल सर्जन डॉ कुमार वीरेंद्र प्रसाद द्वारा संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का जिला स्तर पर उद्घाटन औरंगाबाद के अनुग्रह मध्य विद्यालय में किया गया. विदित हो कि बच्चों को कृमि नाशक दवाई खिलाकर एनीमिया, कुपोषण जैसी बीमारियों से मुक्त रखने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जा रहा है. इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत 22 अप्रैल को डीवर्मिंग डे एवं 26 अप्रैल को मैप ऑफ डे का आयोजन किया जाना है.

 

दिशा निर्देश के आलोक में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को विद्यालय एवं आंगनबाड़ी स्तर पर कृमि नाशक दवा खिलाया जाना है. डी वार्मिंग डे के इस कार्यक्रम के तहत सभी सरकारी, केंद्रीय, नवोदय, मदरसा, संस्कृत, निजी, तकनीकी संस्थानों के माध्यम से जिले में 15 लाख बच्चों को कृमि नाशक दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है. डी वार्मिंग डे के दिन अर्थात 22 अप्रैल को जो बच्चे कृमि नाशक दवा खाने से छूट जाएंगे उन्हें दिनांक 26 अप्रैल को मॉप अप डे आयोजित कर दवा खिलाया जाना है.

 

जिला पदाधिकारी औरंगाबाद द्वारा इस क्रम में बताया गया कि जिले के 1 वर्ष से 19 वर्ष के सभी बच्चों को कृमि नाशक दवाई खिलाने का लक्ष्य रखा गया है. जिले के सभी स्कूलों में शिक्षक एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी सेविका सहायिका की निगरानी में दवा खिलाने का काम आज होगा एवं एवं जो बच्चे दवा नहीं खा सकेंगे उन्हें 26 अप्रैल को मॉप अप डे के दिन दवा खिलाई जाएगी. स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कल्याण विभाग समन्वय के साथ इस कार्य को कर रहे हैं. साथ ही लोगों से अपील की गई कि अपने बच्चों को कृमि नाशक दवा अवश्य खिलाएं.

 

सिविल सर्जन डॉक्टर कुमार वीरेंद्र प्रसाद द्वारा बताया गया कि पेट में कई प्रकार की कृमियाँ पाई जाती जैसे राउंडवर्म, पिनवर्म, व्हिपवर्म और टैपवर्म आदि जो शरीर में जरूरी न्यूट्रिशन पहुंचने ही नहीं देते जिसके कारण एनेमिया एवं गंभीर कुपोषण की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. डीवर्मिंग डे कृमि रोगों के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक करने के मकसद से हर साल 6 माह के अंतराल पर मनाया जाता है. चुंकि पेट में कीड़ों की समस्या ज्यादातर छोटे बच्चों में देखने को मिलती है इसलिए इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत छोटे बच्चों को कृमि नाशक दवाई खिलाई जाती है.

 

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मिथिलेश प्रसाद सिंह द्वारा बताया गया कि 1 वर्ष से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को दवा लेनी है किंतु यह सुनिश्चित कर लिया जाना अपेक्षित होगा कि बच्चे को सर्दी खांसी बुखार सांस लेने में तकलीफ किस बीमारी का लक्षण नहीं है. पूर्व से किसी प्रकार की दवा आदि का सेवन करने वाले लोगों को दवा नहीं देना है. 1 से 2 वर्ष तक के बच्चों को आधी गोली, 2 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को एक गोली की खुराक निर्धारित की गई है. बच्चे की आयु और निगलने की सुविधा का ख्याल रखते हुए दवा की गोली को चूर कर पानी के साथ लेना अपेक्षित होगा. दवा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं शिक्षक की उपस्थिति में ही खिलाई जानी है.

 

अनुग्रह मध्य विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों सहित सभी स्कूली छात्रों के द्वारा उत्साहपूर्वक विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया गया. जिला पदाधिकारी एवं अन्य अतिथियों को बुके प्रदान किया गया. विद्यालय के प्रधानाचार्य उदय कुमार सिंह द्वारा जिला पदाधिकारी को पुस्तक एवं विद्यालय के ही छात्र द्वारा तैयार किए गए जिला पदाधिकारी के स्केच को सप्रेम भेंट किया गया. स्वागत में बच्चों ने रघुपति राघव राजा राम भजन सुनाए एवं स्काउट ताली से अतिथियों का स्वागत किया गया.

 

इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मिथिलेश प्रसाद सिंह, सदर प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ श्याम कुमार, प्रधानाध्यापक उदय कुमार सिंह, प्रभारी जिला कार्यक्रम प्रबंधक अश्विनी कुमार, विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारी मनु कुमारी, यूनिसेफ के अधिकारी कामरान खान, केयर इंडिया के टीम लीडर उर्वशी प्रजापति डीपीसी नागेंद्र कुमार केसरी, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट उपेंद्र कुमार चौबे सहित विद्यालय के शिक्षक शिक्षकेतर कर्मी एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, कर्मी और मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

इसे भी पढ़ें

Back to top button

You cannot copy content of this page