औरंगाबाद

एडीजे 11 अनिन्दिता सिंह की अदालत ने हत्या के एक मामले में छह को किया दोषी करार, 5 मई को सजा के बिंदु पर होगी सुनवाई

वर्ष 2010 में रंग खेलने के दौरान उत्पन्न विवाद में हुई थी हत्या

औरंगाबाद। शुक्रवार को व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद की एडीजे-11 अनिन्दिता सिंह की अदालत ने मुफ्फसिल थाना कांड संख्या 37/10 में भादवि की धारा 304 (पार्ट 2,149 के साथ) में सुनवाई करते हुए छः अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए बंधपत्र विखंडित कर जेल भेज दिया है।अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि सज़ा के बिन्दु पर सुनवाई की  5 मई 2022 निर्धारित की गया है।

अधिवक्ता ने बताया कि सूचक के पिता भोजा बिगहा निवासी रामबली यादव ने मुफ्फसिल थाने में 2 मार्च 2010 को एक प्राथमिकी ने प्राथमिकी दर्ज़ कराया था जिसमें बताया था कि उनका पुत्र रामाधार यादव 1 मार्च 2010 को जोगिया से सब्जी लेकर घर लौट रहा था।

 

जब वह मुफस्सिल थाना के सहेरा गांव के रामविलास के झोपड़ी के पास पहुंचा तो रामबिलास यादव, राजेन्द्र यादव, मुन्ना यादव, राकेश यादव, विजेन्द्र यादव, सत्येन्द्र यादव सहेरा जबरदस्ती रंग डालने लगे और उसी दौरान हुए विवाद में सभी ने लाठी डंडा, मुक्का से मारकर सबों ने उसे अधमरा कर छोड़ दिया।

 

आनन फानन में उसे सदर अस्पताल औरंगाबाद लाया गया मगर उसकी स्थिति को गम्भीर देखते हुए यह से रेफर कर दिया गया जिसे इलाज के लिए पटना ले जाया जा रहा था तो रास्ते मे ही ओबरा रेलवे गुमटी के पास उसकी मौत हो गई। अधिवक्ता श्री स्नेही ने बताया कि अभियुक्त सत्येन्द्र, विजेन्द्र, राकेश, मुन्ना यादव 18 अगस्त 2010 को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था।

 

मृतक के पक्ष में न्यायालय में गवाहों की गवाही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट आई थी। सूचक ने कहा था कि उनके गांव में एक की मौत हो जाने के कारण उस वर्ष कोई रंग नहीं खेल रहा था।

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