औरंगाबाद

पार्टी जिलाध्यक्ष पर कई आरोप लगाते हुए दाउदनगर भाजपा के तीन मंडल अध्यक्षों ने प्रदेश अध्यक्ष को भेजा अपना इस्तीफा पत्र

पार्टी में थी तीनों मंडल अध्यक्षों की गतिविधियां संदिग्ध-जिला महामंत्री

औरंगाबाद। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार शर्मा पर एक बार फिर मनमाने ढंग से कार्य करने एवं दल को क्षति पहुंचाने वाले कार्यशैली किए जाने का आरोप लगा है। यह आरोप दाउदनगर नगर मंडल अध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा ने लगाया है और अपने लेटर पैड पर प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंपा है।नगर अध्यक्ष के द्वारा प्रदेश अध्यक्ष को लिखे पत्र में दाउदनगर ग्रामीण मंडल के अध्यक्ष सुरेंद्र यादव, शमशेर नगर के मंडल अध्यक्ष अंजनी कुमार शर्मा ने भी इस इस्तीफे पर अपनी भी सहमति दी है।

प्रदेश नेतृत्व के निर्देश के बाद भी जिला से नही की गई विजयोत्सव में भेजे जाने की व्यवस्था

प्रदेश अध्यक्ष को लिखे पत्र में श्री मिश्रा ने बताया है कि वह भारतीय जनता पार्टी एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए लगभग 20 वर्षों से कार्य करते आ रहे हैं। इस दौरान उन्हें पार्टी ने युवा मोर्चा अध्यक्ष से लेकर मंडल के अध्यक्ष तक की जिम्मेवारी दी है। जिसका इमानदारी पूर्वक निर्वहन किया गया और पार्टी को विस्तारित करने में अहम भूमिका निभाई गई है।लेकिन पार्टी के जिलाध्यक्ष द्वारा 23 अप्रैल को आरा के जगदीशपुर में बाबू वीर कुंवर के सम्मान में आयोजित विजयोत्सव कार्यक्रम में जाने के लिए कोई व्यवस्था न देकर दाउदनगर के कार्यकर्ताओं के भावनाओं को ठेस पहुंचाया गया है। जबकि उस विजयोत्सव में शामिल होने के लिए प्रदेश नेतृत्व द्वारा सभी मंडलों के लिए पूरी व्यवस्था देने के लिए जिले को दायित्व सौंपा गया था।

मंडल अध्यक्षों को जिलाध्यक्ष द्वारा अपमानित किए जाने का लगा आरोप

श्री मिश्रा ने आगे लिखा है कि उन्हें जो जानकारी मिली की जिलाध्यक्ष द्वारा यहां के अलावा अन्य कई मंडलों में वहां के अध्यक्षों को भी उपेक्षित किया गया। श्री मिश्रा ने पत्र के माध्यम से बताया कि जिलाध्यक्ष के द्वारा किए गए उपेक्षा पूर्ण कार्य की जानकारी उनके द्वारा मुंगेर विधायक प्रणव जी को दी गई थी। पार्टी के जिलाध्यक्ष द्वारा किए गए इस कार्रवाई से सैकड़ों कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट गया है। क्योंकि व्यवस्था के अभाव में सबो को शर्मिंदा होना पड़ा है और तैयारी के बावजूद भी उन्हें अपमानित किया गया है। ऐसी स्थिति में वे नगर मंडल की कमेटी को भंग करते हुए अपने अध्यक्ष पद से त्यागपत्र देते हुए एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पूरी क्षमता निष्ठा के साथ काम करेंगे।

रुपए के लगे बंदरबांट के आरोप,जिलाध्यक्ष का इंकार

इधर तीन मंडल अध्यक्षों के द्वारा दिए गए इस्तीफे को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है और जिला कमेटी पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि विजयोत्सव के लिए लगभग 30 से 32 लाख रुपए की व्यवस्था हुई थी। परंतु सारे राशि का बंदरबांट करते हुए मंडल अध्यक्षों को कोई व्यवस्था नहीं दी गई और पैसे का गबन कर लिया गया। हालांकि इस संबंध में भाजपा जिलाध्यक्ष मुकेश शर्मा से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप बेबुनियाद है। क्योंकि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर ही सारे आयोजन किए जा रहे थे और जिले में इसकी मॉनिटरिंग सांसद, विधान पार्षद एवं महामंत्री मुकेश कुमार सिंह के द्वारा किया जा रहा था। जिलाध्यक्ष ने बताया कि वह इस पूरे मामले से अलग थे  लेकिन सारी व्यवस्था की जानकारी उन्हें थी। जिलाध्यक्ष ने बताया कि दाऊदनगर मंडल अध्यक्षों से आरा जाने के लिए गाड़ी के नंबर और प्रत्येक गाड़ी में तीन जिम्मेवार व्यक्तियों के भी नाम मांगे गए थे। परंतु जब उनके द्वारा भेजी गई गाड़ियों के नंबर की महामंत्री के द्वारा क्रॉस चेक की गई तो सभी गाड़ी के नंबर फर्जी पाए गए।

आयोजन को थी विफल करने की योजना,सफल नही हुए तो इस्तीफे का रच रहे हैं ढोंग

ऐसी स्थिति में महामंत्री के द्वारा राशि रोक दी गई।उसके बाद भी जिला कमेटी के द्वारा गाड़ियों के नंबर मांगे गए लेकिन उनके द्वारा उपलब्ध नही कराए गए।जिलाध्यक्ष ने बताया कि उन लोगों के द्वारा इस आयोजन को विफल करने की कोशिश की जा रही थी और वे इसमें सफल नहीं हो सके तब अनाप-शनाप आरोप लगाकर पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की शिकायत है प्रदेश नेतृत्व के सामने रखें और नेतृत्व इसकी पूरी जांच करेगी तब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

संदिग्ध थी तीनों मंडल अध्यक्षों की पार्टी में गतिविधियां

इधर जब इस संबंध में पार्टी महामंत्री मुकेश कुमार सिंह से जब बात की गई उन्होंने बताया कि आरा में आयोजित विजयोत्सव कार्यक्रम में सिर्फ ओबरा विधानसभा से 200 गाड़ियां गई थी। जिसमें 43 गाड़ी सिर्फ दाउदनगर से थी। ऐसे में जिन लोगों के द्वारा इस्तीफा देकर इस बात का आरोप लगाया जा रहा है वह बिल्कुल ही बेबुनियाद है। क्योंकि अभी जो लोग आरोप लगा रहे है वे उस वक्त पैसे की मांग कर रहे थे। जबकि हर जगह वाहनों की एवं आने जाने की व्यवस्था पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा आपसी सहयोग से किया जा रहा था। महामंत्री श्री सिंह ने कहा कि इन तीनों लोगों की गतिविधियां पार्टी के कार्यों में संदिग्ध रही थी और यह पहले से ही पार्टी से संबंधित कोई कार्य नहीं कर रहे थे और ना ही एमएलसी चुनाव में अपनी कोई भूमिका का निर्वहन इनके द्वारा किया गया था। ऐसे में इन लोगों पर गाज गिरना तय था तो अब एक बहाना बनाकर यह इस्तीफा दे रहे हैं।

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