औरंगाबाद

रंग डालने को लेकर खूनी रंजिश मे हुई हत्या मामले मे छह अभियुक्तों को सुनाई गई 4-4 वर्ष की सजा

अभियुक्तों ने लाठी डंडे एवं मुक्के से पीट-पीटकर कर दिया था आज मेरा पटना ले जाने के क्रम में रेलवे गुमटी के समीप हुई थी मौत

केशव कुमार सिंह

औरंगाबाद। व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद में एडीजे 11 अनिन्दिता सिंह ने मुफ्फसिल थाना कांड संख्या 37/10 में भादवी की धारा 304 पार्ट 2, /149 में सज़ा के बिन्दु पर सुनवाई करते हुए इस मामले के सभी छः अभियुक्तों को चार वर्ष की सजा सुनाई है। धारा 147 में दो वर्ष की सजा तथा धारा 323/149 में एक वर्ष की सजा सुनाई है।

 

अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि सरकार की ओर से एपीपी बिगु प्रसाद और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता जगनरायण सिंह ने भाग लिया। रितु को सजा मिलने के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता जगनरायण सिंह ने न्यायालय से अनुरोध किया कि परिवार में कोई अन्य कमाने वाला बालिग सदस्य नहीं है और सभी अभियुक्तों के छोटे छोटे बच्चे हैं। साथ में इन सभी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है। ऐसी स्थिति में इनकी सजा कम की जाए।

 

दोनों पक्षों के सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया। इन सभी अभियुक्तों को धारा 304बी पार्ट 2 में 22/04/22 को दोषी ठहराया गया था और बंधपत्र विखंडित कर जेल भेज दिया गया था। सजा की सुनवाई के दौरान न्यायालय परिसर में अभियुक्तों के परिवार और गांववाले की भीड़ जमा हो गई थी।

 

अधिवक्ता ने बताया कि इस कांड के सूचक मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भोजा बिगहा निवासी रामबली यादव ने 2 मार्च 2010 को एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि उनका पुत्र रामाधार यादव जोगिया बाजार से सब्जी लेकर लौट रहा था गांव में एक मौत हो जाने के कारण कोई रंग नहीं खेल रहे थे। जब वह रामविलास यादव के झोपड़ी के पास पहुंचा तब मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सहेरा गांव निवासी रामविलास यादव, राजेन्द्र यादव, मुन्ना यादव, राकेश यादव,विजेन्द्र यादव, सत्येन्द्र यादव ने जबरदस्ती रंग डालने लगे ।

 

इसी दौरान उत्पन्न हुए विवाद में सभी ने लाठी, डंडे एवं मुख्य से प्रहार कर उनके पुत्र रामाधार यादव को अधमरा कर दिया था। इसकी सूचना मिलते ही उसे सदर अस्पताल औरंगाबाद में लाया गया जहां उसकी स्थिति गंभीर देखते हुए चिकित्सक ने बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। मगर इलाज के लिए पटना ले जाए जाने के क्रम में जैसे ही रेलवे गुमटी ओबरा के समीप पहुंचे वैसे ही उसकी मौत हो गई। अधिवक्ता ने बताया कि सभी धारा साथ साथ चलेंगी,जेल में बिताए अवधि सज़ा में समायोजित किया जाएगा।

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