औरंगाबाद

शादी में कुंडली नहीं लड़के लड़की का रक्त जांच कराएं तभी हम देश को थैलेसीमिया से मुक्त करने में होंगे सफल-राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी

औरंगाबाद। रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली संस्था रक्तदान जनसेवा समिति के तत्वाधान में सदर अस्पताल परिसर स्थित रेडक्रास भवन के सभागार मे शुक्रवार को थैलिसिमिया पीड़ित बच्चों को सम्मानित करनेे का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया.

कार्यक्रम में राज्य स्वास्थ्य समिति के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी एनके गुप्ता,सिविल सर्जन डॉ कुमार बीरेन्द्र प्रसाद,ब्लड बैंक के नोडल पदाधिकारी डॉ रवि रंजन, जिला स्वास्थ समिति के डीपीएम डॉ कुमार मनोज, केयर इंडिया की पदाधिकारी उर्वशी इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को सम्मानित किया और उनके साथ केक काटकर थैलेसीमिया दिवस मनाया.

 

आयोजन में उपस्थित राज्य स्वास्थ्य समिति के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी एन के गुप्ता ने सबों को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन 8 मई को ही होना था मग़र रविवार होने के कारण इसे आयोजित नहीं किया जा सका. लेकिन आज यह कार्यक्रम थैलिसिमिया पीड़ित बच्चों को समर्पित है और यही कारण है कि इसे उनके साथ मनाया गया.राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने बिहार में रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली औरंगाबाद की संस्था “रक्तदान जनसेवा” की तारीफ की और इसके अध्यक्ष राहुल ने राज्य के कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि ऐसे तो उनकी चाहत है कि बिहार थैलेसीमिया पीड़ितों से मुक्त हो ताकि ऐसे आयोजन की आवश्यकता ना पड़े.

 

लेकिन जब तक हम इसे मुक्त करने में सफल नहीं होते हैं तब तक औरंगाबाद में आयोजित इस कार्यक्रम में आने वाले प्रत्येक थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों व उनके परिजनों को लाने, ले जाने  खाने-पीने एवं उनके रहने की व्यवस्था की व्यवस्था संस्था द्वारा करने की घोषणा संस्था के अध्यक्ष ने की है. जिसकी जितनी तारीफ की जाए कम होगी. उन्होंने कहा कि अभी बिहार में 135 बच्चे थैलिसिमिया से पीड़ित है और इसे कम किया जा सकता है यदि इसको लेकर जागरुकता बढ़ाई जाय.

 

राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने कहा कि इसे रोकने के लिए शादी के ही वक्त कुंडली मिलान की जगह लड़के लड़की का ब्लड मिलान करें और यदि पुरुष और युवती दोनों मे थैलिसिमिया के जिन पाए जाते हो तो विवाह कदापि न करें.क्योंकि जो बच्चा जन्म लेगा वह थैलिसिमिया पीड़ित ही होगा.उन्होंने कहा कि यदि एक मे थैलिसिमिया और दूसरे मे उसका जिन न हो तो शादी की जा सकती है. इसके बाद भी गर्भावस्था में गर्भ की जांच जरूर कराएं यदि गर्भस्थ शिशु थैलेसीमिया के लक्षण पाए गए तो बेहतर होगा कि उसका गर्भपात करा ले.

 

उन्होंने कहा कि अब राज्य और केन्द्र सरकार थैलिसिमिया के मरीजों को बोन मेरो ट्रांसप्लांटेशन निशुल्क कराने जा रही है ताकि इस रोग से निजात मिल सके.शीघ्र ही यदि ऐस दो-तीन बच्चे मिले तो पटना में कैंप करके उनका बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन किया जाएगा.

 

आज के कार्यक्रम का संचालन शहर के समाजसेवी धीरज अजनबी ने किया. जबकि कार्यक्रम में रेडक्रॉस के चेयरमैन सतीश कुमार सिंह, रेड क्रॉस के कोषाध्यक्ष शिव गुप्ता, रेडक्रॉस के सचिव दीपक कुमार, रक्तदान जन सेवा के अध्यक्ष राहुल राज, सदस्य सुनील कुमार एवं मो एहसान, वार्ड 32 के वार्ड पार्षद प्रतिनिधि विशाल कुमार, युवा समाजसेवी मोहम्मद शाहनवाज खान उर्फ सल्लू खान आदि मौजूद थे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

इसे भी पढ़ें

Back to top button

You cannot copy content of this page