औरंगाबाद

सदर अस्पताल के लेबर रूम के लक्ष्य सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया अंतिम चरण में,

लेबर रूम को लक्ष्य कार्यक्रम के निर्धारित मानकों के अनुरूप किया गया तैयार, लेबर रूम, प्रसव पूर्व व प्रसव पश्चात कक्ष में आधुनिक संरचना व सेवाएं बढ़ीं

औरंगाबाद। जिले में मातृत्व व शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर स्वास्थ्य सेवाओं व आधारभूत संरचनाओं को बढ़ाया जा रहा है. इसके लिए सदर अस्पताल के लेबर रूम को लक्ष्य कार्यक्रम के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है. लेबर रूम के लक्ष्य प्रमाणीकरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. जल्द ही सदर अस्पताल के लेबर रूम को लक्ष्य सर्टिफिकेशन प्रदान किया जायेगा.

क्षेत्रीय व राज्य स्तरीय अधिकारी करेंगे मूल्यांकन

जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक कुमार मनोज ने बताया सदर अस्पताल के लेबर रूम को लक्ष्य मानकों के अनुसार तैयार करते हुए इसे सर्टिफाइड कराने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. लक्ष्य सर्टिफिकेशन के लिए क्षेत्रीय तथा राज्य स्तर के अधिकारियों द्वारा लेबर रूम का मूल्यांकन किया जायेगा. बताया लेबर रूम के साथ प्रसव पूर्व तथा प्रसव पश्चात कक्ष को पूरी तरह आधुनिक बनाया गया है. प्रसव पश्चात कक्ष में एयर-कंडीशन की सुविधा के साथ आठ बेड हैं. लेबर रूम में सभी आवश्यक आधुनिक मशीनें मौजूद हैं. साथ ही मानव संसाधन भी बढ़ाये गये हैं जिनमें महिला महिला चिकित्सक, अमानत प्रशिक्षित एएनएम, जीएनएम व चतुर्थवर्गीय स्वास्थ्य कर्मचारी आदि शामिल हैं. उन्होंने बताया भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा लक्ष्य कार्यक्रम चलाया जा रहा है. इस कार्यक्रम की मदद से शिशु के जन्म के समय प्रसव कक्ष में देखभाल की गुणवत्ता बेहतर करना है. ताकि मां एवं नवजात शिशु दोनों के ही जीवन पर कोई खतरा न हो.

सदर अस्पताल में प्रतिमाह औसतन 300 प्रसव

सिविल सर्जन डॉ कुमार वीरेंद्र प्रसाद ने बताया अस्पताल में मई माह में 353 प्रसव कराये गये. वहीं जून माह में अब तक 262 प्रसव कराये गये हैं. औसतन यहां पर प्रतिमाह 300 प्रसव कराये जाते हैं. गर्भवतियों को प्रसव पूर्व तथा प्रसव काल के दौरान आवश्यक सेवाओं को उपलब्ध करा कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लायी जा सकती हैं. इसके लिए लेबर रूम का योगदान महत्वपूर्ण होता है. जिला में सुरक्षित प्रसव और संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर सुविधाएं मुहैया करायी जा रही है.

जानिये क्या है लक्ष्य प्रमाणीकरण

मातृत्व व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और उन्हें अधिक से अधिक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए उद्देश्य से भारत सरकार के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा लक्ष्य कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है. लक्ष्य प्रमाणीकरण का मूल उद्देश्य प्रसव संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाना है. इसके तहत प्रसव कक्ष, मैटरनिटी ऑपरेशन थियेटर व प्रसूता के लिए बने विशेष देखभाल इकाई के गुणवत्ता में सुधार लाना है.

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