औरंगाबाद

योजना भवन में जिले में क्रियान्वित जलशक्ति अभियान एवं आकांक्षी जिला कार्यक्रम की हुई समीक्षात्मक बैठक

उत्तर कोयल नहर कैनाल में अभी 3000 क्यूसेक के बजाय 2000 क्यूसेक उपलब्ध हो रहा है पानी

औरंगाबाद। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सचिव सह आकांक्षी जिला योजना के केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी राम कृष्ण खंडेलवाल द्वारा बुधवार को समाहरणालय के योजना भवन सभागार में औरंगाबाद जिले में क्रियान्वित जल शक्ति अभियान एवं आकांक्षी जिला कार्यक्रम की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।

 

सर्वप्रथम सचिव महोदय द्वारा जिले में जल शक्ति अभियान से संबंधित जल संचयन की योजनाओं की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि आजादी के अमृत महोत्सव के मद्देनजर जिले में 42 अमृत सरोवर के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ किया गया था जिसमें से 15 पर कार्य पूर्ण कराया जा चुका है एवं 27 पर कार्य जारी है।

 

इसके अतिरिक्त सचिव महोदय द्वारा लघु जल संसाधन विभाग, पंचायती राज विभाग, पीएचईडी एवं अन्य विभागों द्वारा क्रियान्वित जल संचयन संरचना यथा आहर, पइन, पोखर, कुआं के जीर्णोद्धार की योजनाओं की जानकारी ली गई। बताया गया कि फिलहाल जिले में वाटर टेबल 30 फीट पर है। जिला पंचायती राज पदाधिकारी मंजू प्रसाद द्वारा बताया गया कि पंचायती राज विभाग द्वारा कुल 57 आहर, पोखर एवं पाइन का जीर्णोद्धार कार्य कराया गया है एवं 102 कुओं का जीर्णोद्धार किया गया है। कार्यपालक अभियंता पीएचईडी द्वारा बताया गया कि 11 मरम्मती दल द्वारा जिले में चापाकल की मरम्मती कराई जा रही है। सचिव महोदय द्वारा जल संचयन से संबंधित शेष बची योजनाओं का टाइमलाइन निर्धारित कर पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।

 

कार्यपालक अभियंता सोन नहर कैनाल द्वारा बताया गया कि सोन कैनाल में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है एवं नहर वाले क्षेत्र में शत प्रतिशत आच्छादन हो चुका है। कार्यपालक अभियंता उत्तर कोयल नहर कैनाल द्वारा बताया गया कि अभी पानी 3000 क्यूसेक के बजाय 2000 क्यूसेक उपलब्ध हो रहा है। इस कारण आच्छादन में कमी आई है।

 

सहायक निदेशक, कृषि अभियंत्रण ई आलोक द्वारा बताया गया कि जल छाजन की विभिन्न योजनाएं इस जिले में क्रियान्वित की जा रही हैं। प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना का प्रचार प्रसार एवं जन जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। सचिव महोदय द्वारा पहाड़ी क्षेत्रों के रेनफेड एरिया पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने पर फोकस करने का निर्देश दिया गया।

 

सचिव महोदय द्वारा जिले का वाटरशेड कंजरवेशन प्लान तैयार करने का निदेश जिला कृषि पदाधिकारी को दिया गया। उन्होंने जिले में सिंचाई के कवरेज को बढ़ाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। जिले में जल शक्ति केंद्र की स्थापना करने का निर्देश दिया गया जो एक सेंट्रल डिपोजिटरी की तरह कार्य करेगा एवं टेक्निकल सपोर्ट उपलब्ध कराएगा।

 

इसके पश्चात डीपीएम जीविका द्वारा जिले में जीविका दीदियों के सहयोग से विभिन्न कार्यों यथा सार्वजनिक तालाब का रख रखाव, मछली पालन, बत्तक पालन इत्यादि की जानकारी दी गई। सहायक निदेशक उद्यान जितेंद्र कुमार द्वारा माइक्रो इरिगेशन, ड्रिप इरिगेशन एवं स्प्रिंकलर इरिगेशन जैसी योजनाओं की जानकारी दी गई। डीएफओ तेजस जयसवाल द्वारा औरंगाबाद जिले में क्रियान्वित गारलैंड ट्रेंचिंग योजना की जानकारी दी गई जिसके तहत पहाड़ों पर से आने वाले रन ऑफ वाटर को इकट्ठा कर कृषि के उपयोग में लाया जाएगा।

 

इसके पश्चात सचिव महोदय द्वारा आकांक्षी जिला योजना अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं की इंडिकेटर वार समीक्षा की गई। इसके तहत स्वास्थ्य, आईसीडीएस एवं कृषि विभाग द्वारा इंडिकेटर्स में मिस मैच होने के कारण खराब उपलब्धि हासिल होने की वजह से सचिव महोदय द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई एवं इसमें विभाग से समन्वय स्थापित कर सुधार करने का निर्देश दिया गया। साथ ही जिन इंडिकेटर्स के प्रगति में कमी आई है उसमें अपेक्षित प्रगति लाने का भी निर्देश दिया गया।अंत में उप विकास आयुक्त द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक की कार्यवाही समाप्त की गई।

 

इस बैठक में जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल, उप विकास आयुक्त अभ्येंद्र मोहन सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी तेजस जायसवाल, सिविल सर्जन डा वीरेन्द्र प्रसाद, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मंजू प्रसाद, डायरेक्टर डीआरडीए बालमुकुंद प्रसाद, डीपीएम जीविका पवन कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी रणवीर सिंह, वरीय उप समाहर्ता कृष्णा कुमार, वरीय उप समाहर्ता अमित कुमार सिंह, डीसीएलआर सदर एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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