औरंगाबाद

केंद्र सरकार के सचिव एवं जल संसाधन विभाग के उपनिदेशक ने जिले के विभिन्न हिस्सों के जल संरक्षण के कार्यों का किया अवलोकन

औरंगाबाद। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल एवं वन प्रमंडल पदाधिकारी तेजस जयसवाल द्वारा केंद्र सरकार के सचिव श्री आर के खंडेलवाल एवं जल संसाधन विभाग के उप निदेशक के साथ मदनपुर के विभिन्न हिस्सों में जल संचयन एवं संरक्षण के कार्यों की जानकारी प्राप्त की गई। स्थल निरीक्षण के क्रम में सर्वप्रथम भेलीबांध, मदनपुर में पहाड़ के निकट गारलैंड ट्रेंचिंग योजना को देखा गया।

 

गारलैंड ट्रेंचिंग योजना में पहाड़ की तलहटी में माला के आकार में मिट्टी और बोल्डर के माध्यम से तलहटी को घेरा जाता है जिससे बरसात में पहाड़ के नीचे आने वाले पानी को एकत्र किया जा सके। इस पानी का प्रयोग बरसात के बाद जल संचयन, सिंचाई एवं जल स्तर बढ़ाने के लिए जल संरक्षण हेतु किया जाता है। इस संरचना से एक आउटलेट भी निकाला जाता है जिससे सिंचाई के लिए पानी को निकाला जा सके।

 

भेलीबांध में गारलैंड ट्रेंचिग योजना जल जीवन हरियाली अंतर्गत वन विभाग के माध्यम से क्रियान्वित की गई है जिसमें उमगा पहाड़ से नीचे आने वाले पानी का संचयन किया जा रहा है। मदनपुर में सिंचाई हेतु जल की सर्वाधिक समस्या रहती है इसलिए जल जीवन हरियाली की योजनाओं में मदनपुर को प्राथमिकता दी जाती है।

 

योजना की राशि 61,21,948 है तथा इससे सिंचित क्षेत्र 20 से 25 हेक्टेयर लक्षित किया गया है। संरचना की क्षमता 18000 घन मीटर पानी की है तथा बांध की ऊंचाई 4 मीटर रखी गई है। इस प्रकार की अन्य योजनाएं भी क्षेत्र में बनाई जाएंगी ताकि मदनपुर क्षेत्र की सिंचाई के पानी की समस्या को कम किया जा सके।

 

मदनपुर क्षेत्र की ही अन्य योजनाओं का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया जिसमे मनरेगा से बने विभिन्न अमृत सरोवर, लघु सिंचाई से बने तालाब एवं आहर प्रमुख हैं। डीआरडीए के डायरेक्टर बालमुकुंद प्रसाद द्वारा बताया गया कि अमृत सरोवर योजना अंतर्गत 75 तालाब का जीर्णोद्धार किया जाना है जिसमे 15 पूर्ण है एवं 28 पर कार्य चल रहा है। शेष पर भी कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जायेगा।

 

इन योजनाओं का प्रयोग सिंचाई के साथ मछली पालन के लिए भी किया जायेगा जिसके लिए जीविका के समूह को प्रशिक्षण देकर तालाब टैग किए जाएंगे। लघु सिंचाई के माध्यम से भी तालाब निर्माण कराया जा रहा है जिसका प्रयोग सिंचाई हेतु हो रहा है। निरीक्षण में उमगा तालाब एवं दशवतखाप में पिछले 2 दिन की बारिश के पश्चात जल का संचयन हो रहा था। इसके अतिरिक्त विशेष केंद्रीय सहायता योजना से बने पहरचापी में विद्यालय का अभी निरीक्षण किया गया। औरंगाबाद जिले में 29 विद्यालयों का निर्माण विशेष केंद्रीय सहायता से किया जा रहा है।

 

जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि औरंगाबाद सुखाड़ प्रभावित क्षेत्र में जिसमे जल जीवन हरियाली अभियान के तहत बड़े पैमाने पर कार्य करवाए जा रहे हैं तथा क्षेत्र में लगातार पदाधिकारी पर्यवेक्षण भी कर रहे हैं। आने वाले समय में इस दिशा में और योजनाएं प्रारंभ की जाएंगी और नागरिकों की समस्याओं को कम करने का प्रयास किया जायेगा।

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