औरंगाबाद

जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक,सम्मानित हुए बेहतर कार्य करने वाले चिकित्सा कर्मी

औरंगाबाद। जिला पदाधिकारी औरंगाबाद द्वारा समाहरणालय के सभागार में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आहूत की गई. सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक सहित जिले के विभिन्र स्वास्थय अधिकारी एवं डेवलपमेंट पार्टनर के प्रतिनिधि की उपस्थिति होने वाली इस बैठक में जिला पदाधिकारी द्वारा प्रारंभ में जिला अंतर्गत विभिन्न मदोंन से बनाए जा रहे हैं स्वास्थ्य संस्थानों के प्रगति की जानकारी बिहार मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लिमिटेड के स्थानीय अभियंता से ली गई.

 

इस क्रम में पाया गया कि कार्य काफी धीमी गति से हो रही है तथा निर्देश दिया गया कि कार्यों में प्रगति लाई जाए. सदर अस्पताल, औरंगाबाद के भवन निर्माण की समीक्षा के क्रम में किचन लॉन्ड्री भवन को माह सितंबर22 में तैयार करके हस्तगत कराने हेतु निर्देश दिया गया ताकि सदर अस्पताल में हो रही जगह की समस्या का कुछ निदान निकल सके.इसी क्रम में अनुमंडलीय अस्पताल दाउदनगर स्थित एएनएम स्कूल के भवन से संबंधित विभिन्न समस्याओं से जिला पदाधिकारी को प्राचार्य के द्वारा अवगत कराया गया.

 

जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि जल्द से जल्द इन समस्याओं का उचित समाधान कराया जाए. साथ ही निर्देश दिया कि गोह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए नवनिर्मित मकान में अस्पताल का संचालन अविलंब प्रारंभ कराया जाए. 15 वीं वित्त आयोग एवं बिहार विधानसभा योजना मद से प्रस्तावित अस्पताल के भवनों के निर्माण में आ रही समस्याओं के निदान के संबंध में अभियंता द्वारा ध्यान आकृष्ट कराया गया जिसके आलोक में जिला पदा धिकारी द्वारा संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य प्रबंधको को स्थानीय प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारी से समन्वय कर कार्य को गति देने का निर्देश दिया गया.

 

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी हसपुरा के द्वारा बताया गया कि नवनिर्मित समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन में पानी का रिसाव होता है जो एक बड़ी समस्या है इस समस्या के समाधान सहित अन्य समस्याओं का आकलन करते हुए आवश्यक समाधान करने के लिए बीएमएसआईसीएल के अभियंता को निर्देश दिया गया तथा अवगत कराया गया कि जिला पदाधिकारी स्वयं कराए गए कार्यों का अवलोकन करेंगे.

 

इसके पश्चात जिला पदाधिकारी द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की गई समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि संस्थागत प्रसव एवं प्रसव पूर्व जांच की स्थिति काफी खराब है. इस क्रम में स्पष्ट हुआ कि आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा सरकारी संस्थानों में प्रसव के लिए लाने हेतु कार्य प्रभावी तरीके से नहीं किया जा रहा है तथा यह पाया जा रहा है कि आशा कर्मियों के द्वारा छह-छह महीने तक एक भी लाभार्थी को को संस्थान में डिलीवरी कराने के लिए नहीं उत्प्रेरित किया गया है.

 

ऐसी स्थिति में लाभार्थी प्राइवेट संस्थानों में जाकर डिलीवरी करवा रहे हैं. जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि ऐसे आशा कार्यकर्ताओं को चिन्हित किया जाए जो पिछले छः महीने से एक भी प्रसव लाभार्थियों को सरकारी अस्पताल में लेकर नहीं आए हैं त का स्पष्टीकरण पूछते हुए कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. प्रखंड कुटुंबा के अंतर्गत विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की स्थिति खराब पाए जाने के संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य प्रबंधक से जब पूछा गया तो बताया गया कि वहां के प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक लगभग एक महीने से ड्यूटी नहीं आ रहे हैं. वही रेफरल अस्पताल, हसपुरा के प्रयोगशाला प्राविधिक की मनमानी के संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया.

 

जिला पदाधिकारियों द्वारा सिविल सर्जन को इस संबंध में विभागीय कार्यवाही करने के लिए निर्देश दिया गया. साथ ही यह निर्देश दिया गया कि जो भी चिकित्सक अथवा कर्मी सही तरीके से ड्यूटी नहीं कर रहे हैं उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाए साथ ही निर्देश दिया गया कि बायोमैट्रिक सिस्टम के माध्यम से उपस्थिति बनवाई जाए.जिला पदाधिकारी द्वारा प्रखंड स्तर पर मूल्यांकन एवं अनुश्रवण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रखंड स्तर पर प्रभावी तरीके से साप्ताहिक बैठक आयोजित कराई जाए. इस बैठक में आशा एवं एएनएम के कार्यों की समीक्षा की जाए, मैटरनल डेथ रिव्यू, सिवियर एनीमिया के रोगियों की जांच एवं इलाज ब्लड ट्रांसफ्यूजन एवं आयरन सुक्रोज के ट्रीटमेंट के साथ करने, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस को माह में दो दिन प्रभावी तरीके से आयोजित कराने, परिवार नियोजन के साधनों को इच्छुक लाभार्थियों के बीच आपूर्ति कराने एवं एंबुलेंस की समुचित व्यवस्था कराने का निर्देश दिया गया.

 

सभी अस्पतालों के प्रसव वार्ड में लैंडलाइन टेलीफोन को कार्यरत रखने का निर्देश दिया गया. सरकारी संस्थानों में डायग्नोस्टिक सेवाओं के तहत एक्सरे एवं पैथोलॉजी निर्बाध रूप से संचालित कराने का निर्देश दिया गया. हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर पर सभी प्रकार के जांच एवं दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी नबीनगर, हसपुरा एवं कुटुंबा को स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रति विशेष ध्यान देने के लिए निर्देश दिया गया यह चेतावनी दी गई की सभी संकेतकों के विरुद्ध इन प्रखंडों का प्रदर्शन काफी खराब है सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की जा सकती है.

 

सदर अस्पताल औरंगाबाद में सिजेरियन ऑपरेशन निर्बाध रूप से कराने का निर्देश दिया गया. सभी संस्थानों को यह निर्देश दिया गया कि गुणवत्ता नियमों का पालन करते हुए लाभार्थियों को सेवाएं दी जाए साथ ही साथ गुणवत्ता विकास एवं प्रमाणीकरण के तहत क्वालिटी सर्टिफिकेशन प्राप्त करने की दिशा में भी कार्य किया जाए.बैठक के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों के मैं विशिष्ट प्रदर्शन करने के लिए जिले के स्वास्थ्य संस्थानों एवं व्यक्तिगत रूप से स्वास्थ्य कर्मियों को प्रमाण पत्र एवं मैडल देकर पुरस्कृत भी किया गया.

 

कोविड-19 टीकाकरण महा अभियान मैं बेहतर प्रदर्शन के लिए बारुन की टीम को पुरस्कृत किया गया वही परिवार नियोजन पखवाड़ा के दौरान बेहतर प्रदर्शन के लिए ओबरा एवं हसपुरा की टीम को पुरस्कृत किया गया.देव प्रखंड के प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक रवि कुमार को पखवाड़े के दौरान सर्वाधिक पुरुष नसबंदी हेतु लाभार्थियों को प्रेरित करने हेतु पुरस्कृत किया गया तो सदर प्रखंड के प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक राजेश कुमार को नौगढ़ अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में परिवार नियोजन ऑपरेशन कैंप लगवाने के लिए विशेष सहयोग के लिए पुरस्कृत किया गया. इसी क्रम में रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के टीम को डीवीडीएमएस, एचआरएपी इत्यादि वेब पोर्टल पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पुरस्कृत के गया किया गया. साथ ही जिला स्वास्थ्य समिति के कर्मी श्री इंद्रजीत कुमार को कार्यालय कार्यों के प्रति विशेष रूचि लेने हेतु पुरस्कृत किया गया.

 

बैठक में सिविल सर्जन डॉ कुमार वीरेंद्र प्रसाद द्वारा जिला पदाधिकारी को विभिन्न कार्यक्रमों की यथास्थिति से अवगत कराया गया स्वास्थ्य पदाधिकारियों को जिला पदाधिकारी के निर्देश के अनुपालन में अविलंब कार्रवाई करते हुए अनुपालन प्रतिवेदन भेजने हेतु निर्देश दिया गया. डीपीएम डॉक्टर कुमार मनोज द्वारा बैठक का संचालन एवं प्रस्तुतीकरण दिया गया. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मिथिलेश प्रसाद सिंह, जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ कुमार महेंद्र प्रताप, विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर मनु, जिला स्वास्थ समिति के जिला लेखा प्रबंधक अफरोज हैदर, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट उपेंद्र कुमार चौबे, डीपीसी नागेंद्र कुमार केसरी, केयर की टीम लीटर उर्वशी प्रजापति, यूनिसेफ के एसएमसी कामरान खान, यूएनडीपी के पदाधिकारी अर्शी खान आदि भी उपस्थित रहे.

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