औरंगाबाद

स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ा रहा है,दाउदनगर अनुमण्डल परिसर स्थित सुलभ शौचालय, बेपरवाह है अनुमण्डल प्रशासन

औरंगाबाद। केंद्र हो या राज्य की सरकार सभी स्वच्छता अभियान की सफलता को लेकर अपनी पीठ थपथपाई और इसको लेकर सत्ता से लेकर प्रशासक वर्ग भी झाड़ू लेकर सड़कों पर नजर आए। ऐसी खबरें लगातार मीडिया में चर्चा का विषय बनती रही।लेकिन इसकी हकीकत क्या है इसे धरातल पर ही आकर देखा जा सकता है।औरंगाबाद जिले का एक अनुमण्डल है दाउदनगर।इस अनुमण्डल परिसर में वर्ष 2015 में जब स्वच्छता अभियान की आंधी देश भर में चल रही थी उस वक्त यहां मुख्यमंत्री नगर विकास योजना के अंतर्गत 13 लाख 48 हजार 428 रुपये की लागत से सुलभ शौचालय का निर्माण कराया गया।

 

 

जब तक अभियान चला इस शौचालय का उपयोग हुआ और साफ सफाई भी होती रही।लेकिन अभियान के समापन के बाद इस ओर न तो साफ सफाई की व्यवस्था देखने वाले नगर पंचायत(अब नगर परिषद) का ध्यान गया और न ही अनुमण्डल की कुर्सी को सुशोभित करने वाले हाकिम हुक्काम का।अब यह शौचालय गंदगी के अंबार में तब्दील होकर स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ा रही है और इसके मुख्य द्वार का दरवाजा भी टूटा पड़ा है।

 

 

बदहाली का आलम यह है कि यहां की गंदगी देखकर महिला तो दूर पुरुष भी शौच के लिए नही आ पा रहे हैं।स्थिति यह हो गयी है कि अनुमण्डल कार्यालय में आने वाले लोगों को यदि शौच की इच्छा जागृत हुई तो इस गन्दगी वाले सुलभ शौचालय में जाने को मजबूर होना पड़ेगा या फिर खुले में शौच करना उनकी विवशता होगी।अभी अनुमण्डल की बागडोर तेज तर्रार अनुमण्डल पदाधिकारी कुमारी अनुपम सिंह के हाथों है।लोगों का ही नही खुद अनुमण्डल पदाधिकारी का ही कहना है कि जहां कही भी नियमों का उलंघन होता दिखता है उसे वे बर्दास्त नही कर पाती हैं।

 

 

तो सवाल यह उठता है कि जब मैडम सरकार की सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने के प्रति कृतसंकल्पित है और उसके लिए कानूनी दायरे में कुछ भी करने को तैयार है।तो फिर प्रतिदिन इसी रास्ते से होकर गुजरने पर इस सुलभ शौचालय की तरफ उनका ध्यान क्यों नही जा रहा है।क्या सुलभ शौचालय की साफ सफाई केंद्र और राज्य सरकार के योजनाओं या अभियान में नही आती। जो महिलाएं अनुमण्डल कार्यालय अपने कार्यों के लिए आती है और शौच के लिये यहां शौच के लिए पहुंचती है तो उनके ऊपर क्या गुजरती होगी यह सोचा जा सकता है।जरूरत है अन्य कार्यों की तरह इसे भी गम्भीरता से देखने की ताकि अनुमण्डल में स्वच्छता अभियान का पोल न खुले।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

इसे भी पढ़ें

Back to top button

You cannot copy content of this page