औरंगाबाद

मेजर ध्यानचंद को मिले भारत रत्न, जनेश्वर विकास केंद्र ने की मांग

औरंगाबाद। बिहार के औरंगाबाद में “खेल दिवस” के अवसर पर जनेश्वर विकास केंद्र की इकाई खेल कौशल द्वारा स्वतंत्र और सुविधा संपन्न स्टेडियम निर्माण कराने की मांग की गई।सभी क्षेत्र के खिलाड़ियों को मंच उपलब्ध कराने का लिया गया संकल्प। उक्त संकल्प जनेश्वर विकास केंद्र के अनुषांगिक इकाई खेल कौशल के तत्वधान में आयोजित खेल दिवस समारोह में लिया गया।

 

खेल दिवस समारोह ज्योतिर्विद श्री शिव नारायण सिंह की अध्यक्षता और खेल कौशल के संयोजक रामाकांत सिंह के संचालन में अधिवक्ता संघ औरंगाबाद में 29 अगस्त को आयोजित किया गया । जनेश्वर विकास के केंद्रीय सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने बताया कि सर्वप्रथम समारोह का उद्घाटन मेजर ध्यानचंदके तैल चित्र पर पुष्पांजलि कर किया गया । तत्पश्चात संगोष्ठी के बिषय प्रवेश कराते हुए संयोजक रामाकांत ने कहा कि मेजर ध्यानचंद दुनिया के सबसे बड़े हॉकी के खिलाड़ी थे।

 

उन्हें हॉकी का जादूगर भी कहा जाता था। यही कारण है कि उनके खेल से हिटलर इतना प्रभावित हुआ कि उन्हें अपने देश की ओर से खेलने का और सेना में बहुत बड़ा पद देने का ऑफर दिया था लेकिन मेजर ध्यानचंद ने इतने बड़े ऑफर को भी ठुकरा कर देशभक्ति का प्रमाण दिया और अपने देश भारत की ओर से ही खेलना जारी रखें। इतने बड़े खिलाड़ी और देशभक्त को जितना महत्व और सम्मान मिलना चाहिए था नहीं मिल पाया। वर्तमान सरकार ने उनको खेल के सबसे सर्वोच्च पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया।

 

ऐसे खिलाड़ी को भारत रत्न से नवाजा जाना चाहिए था जो अब तक उपेक्षित है इन्हें हर हाल में भारत रत्न सम्मान मिलना ही चाहिए। साथ ही उनके जन्मदिन को 29 अगस्त को खेल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया जो काबिले तारीफ है। उक्त के आलोक में ही आज जनेश्वर विकास केंद्र के अनुषांगिक इकाई खेल कौशल द्वारा खेल दिवस समारोह आयोजित किया जा रहा है जिसका मुख्य उद्देश्य मेजर ध्यानचंद के व्यक्तित्व कृतित्व को हाईलाइट करना है तथा जिले के सभी क्षेत्र के खिलाड़ियों को मंच प्रदान करना है ।

 

उसके बाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्रा ने कहा आज दुनिया के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन को खेल दिवस के रूप में मान्यता देकर सभी खिलाड़ियों को सम्मान दिया जा रहा है जो एक बड़ी बात है। खेल अब रोजगार से जुड़ गया है अतः हमें इसके लिए जागरुकता चलाना चाहिए। पूर्व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कमलेश कुमार सिंह ,लालदेव प्रसाद , सत्य चंडी मंदिर उपाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह , समाजसेवी सुरेंद्र कुमार सिंह, अधिवक्ता विनोद मालाकार अधिवक्ता संघ अध्यक्ष संजय कुमार सिंह , ने अपने संबोधन में मेजर ध्यानचंद के व्यक्तित्व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए इस आयोजन को उपयोगी बताया तथा खेल प्रतियोगिता आयोजित कर खिलाड़ियों को अवसर प्रदान करने तथा कार्यक्रम बनाने की मांग की। जिससे खेल के हर विधा में निपुण खिलाड़ियों को बड़े टूर्नामेंट के द्वारा मंच प्रदान किया जा सके।

 

जनेश्वर विकास केंद्र के केंद्रीय सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने जिले के खिलाड़ियों के लिए एक सुविधा संपन्न और स्वतंत्र स्टेडियम की आवश्यकता महसूस करते हुए जिला प्रशासन से स्टेडियम निर्माण कराने का प्रस्ताव रखा जिसमें खिलाड़ी अपना प्रैक्टिस कर सकें और औरंगाबाद का नाम पूरे दुनिया में रौशन कर सकें जिसे सर्वसम्मति से सदस्यों द्वारा पारित कर दिया गया। अध्यक्षीय भाषण में ज्योतिर्विद शिवनारायण सिंह ने कहा कि यहां के खिलाड़ियों को सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त किया और इस कार्य को जारी रखने का आव्हान किया।

 

अंत में कुश्ती संघ के सचिव उदय तिवारी और राज्य स्तरीय टूर्नामेंट में रजत पदक विजेता पहलवान निखिल कुमार को अंगवस्त्र और माला देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में गिरजेश नारायण सिंह , मुरलीधर जी, सुरेंद्र सिंह, दयापात्र सिंह , रामाश्रय पांडे, , दीपक गुप्ता , नागेन्द्र प्रसाद सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।

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