गया

मगध विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक संकट के खिलाफ अभाविप का विरोध प्रदर्शन

भगवान भरोसे है मगध विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्र-छात्राएं हैं परेशान

गया। सोमवार को अभाविप द्वारा मगध विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक संकट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। अभाविप के विश्वविद्यालय संयोजक सूरज सिंह ने कहां मगध विश्वविद्यालय में शैक्षणिक संकट बड़े पैमाने पर उत्पन्न हो गया है, अब छात्रों को कोई भी उम्मीद नजर नही आ रहा अपनी भविष्य को बचाने के लिए, स्नातक 2018 का सत्र एवं स्नातकोत्तर 2018 का सत्र अभी तक पूरा नही होना इसका साफ उदाहरण है आज विश्वविद्यालय सिर्फ माइग्रेशन देने के अलावा कोई काम नही कर रही। छात्र-छात्राओ का परिक्षा कब होगा,उनका परिणाम कब दिया जायेगा एवं उनकी डिग्री कब मिलेगा इसकी चिन्ता ना विश्वविद्यालय प्रशासन को , ना सरकार को, ना कुलाधिपति महोदय को है।

 

छात्र परेशान हैं और उनकी परेशानी समझने वाला महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय में कोई नही है। आज जिस तरीके से विश्वविद्यालय को प्रभारी के हाथों में सौप दिया गया है आज उसी का परिणाम है कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक संकट आ गया है। आज दुर्भाग्य कि बात है कि पूरा विश्वविद्यालय लापता पदाधिकारियों के हाथों में सौप गया है, जिनसे अपनी विश्वविद्यालय नही सम्भल रही उन्हें एक और विश्वविद्यालय का प्रभार दे दो दो विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओ के भविष्य के साथ राजभवन खिलवाड कर रही है। अगर विश्वविद्यालय कि शैक्षणिक संकट जल्द दूर नही किया जाता है तो अभाविप चरणबद्ध आंदोलन करेगी।

 

वही गया महानगर मंत्री राजीव रंजन ने कहां कि आज मगध विश्वविद्यालय के काॅलेजों में छात्र-छात्राएं अपना नामांकन ले सजा काट रहें है वो नामांकन तो पढाई करने के लिए लेते है पर विश्वविद्यालय के भ्रष्ट पदाधिकारियों के भष्ट्राचार के सिकार हो जाते है आज मगध विश्वविद्यालय के कई काॅलेजों में किसी का क्लास नही चल रहा, वोकेशनल एवं प्रोफेशनल कोर्स में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओ का तो पूरा भविष्य दाउ पर लग गया, नामांकन लिए चार साल से जादा हो गया पर उनका कोर्स अभी तक पूरा नही हुआ।

 

अगर ऐसी स्थिति रही तो बिहार से जिस तरह मजदूर पलायन कर रहे है उसी प्रकार मगध विश्वविद्यालय से छात्र भी पलायन करेगें, आज ना काॅलेज में प्राचार्य बैठते ना ही विभागाध्यक्ष रहते पूरा विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय भगवान भरोसे चल रहा है। छात्र-छात्राओ को भी अब आगे आ कर विश्वविद्यालय को बचाने के लिए राजभवन का विरोध करना चाहिए तब ही इन सभी की नींद खुलेगी।

 

आज पूरे मगध विश्वविद्यालय के बर्बादी के पीछे राजभवन में बैठे लोग का हाथ है। वही नीतिश सरकार सिर्फ उज्जवल बिहार की बात करते है। लेकिन उनकी ये बातें बस ढकोसला है। छात्र-छात्राओ के जीवन नीतीश सरकार में बर्बाद हो रही है और वो कुम्भकरण की नींद सो रहे है। ये दुर्भाग्य है बिहार के छात्रो का,अभाविप अब जब तक शैक्षणिक संकट मगध विश्वविद्यालय से दूर नही होती तब तक संघर्ष करेगी और आन्दोलन जारी रखेगी।

 

 

इस विरोध प्रदर्शन में मगध विश्वविद्यालय संयोजक सूरज सिंह,बोधगया नगर मंत्री अमन शेखर कुमार, कोषाध्यक्ष अभिषेक आर्य,गया महानगर मंत्री राजीव रंजन,छात्र संघ महासचिव विदुषी कुमारी,प्रियंका,पवन मिश्रा,सौरभ स्वराज,देवेश दुवे,अमित कुमार,अमर कुमार आदि मौजूद थे।

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